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आखिर गले की फांस बन गए दो निर्माण

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आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी के निर्देशों की लगातार अवहेलना एडीए के तीन अधिकारियों के निलंबन का कारण बन गई। निर्देश चाहे अवैध निर्माण को चिह्नित करने का हो या फिर अवैध निर्माण पर कार्रवाई का हो किसी पर भी एडीए के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पाए। इसको लेकर शासन को एडीए अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई के रिपोर्ट भेजी गई थी। इस बीच कमिश्नर और डीएम की संयुक्त समीक्षा में गलत दर पर शमन करने की बात भी पकड़ में आई। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई थी। वहीं, किसी ने एडीए अधिकारियों की घूस मांगने संबंधी बीडीओ भी कमिश्नर को सौंपी गई थी। लगागात चार से पांच बार रिपोर्ट भेजने पर आखिरकार एडीए अधिकारियों पर गाज गिर ही गई।
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कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने एडीए को कमिश्नरी से सर्किट हाउस तक अवैध निर्माण को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। कई बार रिमाइंडर देने के बाद भी एडीए की ओर से इसे पूरा नहीं किया गया। वहीं कमिश्नर की ओर से शहर के दो बड़े अवैध निर्माण को सील करने के आदेश देने के बाद भी एडीए के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। या ये कहा जाए कि दोनों निर्माण से संबंधित लोगों के रसूख के आगे कार्रवाई नहीं कर पाए। तमसा नदी की धारा के अंतर्गत हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई के आदेश पर भी एडीए की गति काफी धीमी रही। एडीए की इन लापरवाहियों पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ कमिश्नर की ओर से लगातार निलंबन की संतुति शासन को भेजी जा रही थी। इस बीच कमिश्नर और डीएम की संयुक्त समीक्षा में भवन उपविधियां के प्रतिकूल निर्माण का शमन पकड़ा गया। प्राधिकरण को आर्थिक क्षति पहुंचाने का मामला सामने आने पर शासन को फिर रिपोर्ट भेजी गई थी। उधर, किसी ने कमिश्नर को एडीए के उक्त अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगने की वीडियो भी कमिश्नर कनक त्रिपाठी को सौंपी थी। इसके बाद कमिश्नर की ओर से उक्त सभी आरोपों की कंपाइल रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। एडीए के सचिव, एई और जेई को निलंबित करने की संतुति की गई थी। साफ कहा गया था किप प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से शासन की छवि धूमिल हुई है।
शासन ने इसे पूरी गंभीरता से लेते हुए एडीए सचिव बाबू सिंह, सहायक अभियन्ता देवबचन राम और अवर अभियन्ता रमाशंकर प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इससे प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप की स्थित है।
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एडीएम प्रशासन को मिला अतिरिक्त प्रभाव
आजमगढ़। एडीए के सचिव, एई और जेई को निलंबन के बाद एडीए लगभग खाली हो गया है। जिलाधिकारी एवं एडीए के उपाध्यक्ष एनपी सिंह ने फिलहाल एडीए सचिव का चार्ज एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह को सौंपने की संतुति की है। इसके साथी ही शासन को सचिव, एई और दो जेई के जल्द से जल्द तैनाती के लिए पत्र लिखा है।
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