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Azamgarh News: सड़क हादसे के बाद बिना सूचना शव पोस्टमार्ट के लिए भेजने पर बवाल, थाने के बाहर हंगामा

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अहरौला के गौरी गांव में सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आक्रोशित परिजन थाना के बाहर जाम करते।
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अहरौला। थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर बवाल खड़ा हो गया। बिना सूचना दिए शव को पोस्टमार्टम भेजने का आरोप लगाते हुए महिलाएं सड़क पर उतर आईं और अहरौला-बूढ़नपुर मार्ग जाम कर दिया। करीब 500 मीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी थी। कुछ लोगों के समझाने के बाद करीब एक घंटा बाद जाम समाप्त हो सका। इस बीच राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोपालीपट्टी गांव निवासी चनौता देवी पत्नी रामसूरत ने बताया कि उनका पुत्र अंबिका निषाद (40) बाइक से वाराणसी काम पर जा रहे थे। इसी दौरान गौरी गांव के पास सीमेंट व बालू लदे अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को बिना सूचना दिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने पुलिस पर ट्रैक्टर मालिक से सांठगांठ कर मामले को दबाने का आरोप लगाया। हंगामे के बाद आक्रोशित महिलाओं ने अहरौला-बूढ़नपुर मार्ग पर साड़ी बांधकर सड़क जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजन पुलिस कार्रवाई की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मृतक अंबिका निषाद छह बेटियों और एक बेटे के पिता थे। उनकी एक बेटी की शादी जून में तय थी। वह पीओपी का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और इसी सिलसिले में वाराणसी जा रहे थे। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा है, वहीं क्षेत्र में पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
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गौरी गांव के पास सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना सूचना दिए शव को पोस्टमार्टम भेजने के आरोप में परिजनों और ग्रामीणों ने न सिर्फ सड़क जाम किया, बल्कि थाने परिसर में भी जमकर हंगामा किया। सड़क पर एक घंटा जाम करने के बाद परिजनों थाने में पहुंचकर परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर ट्रैक्टर मालिक से सांठगांठ कर मामले को दबाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। इस दौरान थाने परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिसकर्मी हालात को संभालने में जुटे रहे।
सड़क हादसे में मौत के बाद करीब तीन घंटे तक पुलिस शव का शिनाख्त करने में लगी थी लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी के बाद परिजन भी संपर्क किए, तब तक शव पोस्टमार्टम के लिए निकल गया था। परिजनों से कहा गया कि यदि उनके पास साधन नहीं है तो उन्हें पुलिस पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचा देगी लेकिन परिजन कुछ मानने के लिए तैयार नहीं हुए। परिजन बेवजह हंगामा कर रहे हैं।- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।
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