पूर्णिमा सिंह ने बताया कि 2022 में उन्होंने अदनान के परिवार से अलग रहने के लिए जमीन मांगी थी, लेकिन उन्होंने आनाकानी की। इस बीच, अदनान 2016 में हत्या के मामले में जेल चला गया और तब से वहीं है। इस दौरान पूर्णिमा लखनऊ में लांड्री का काम करती रही। मंगलवार को वह बागखालिस स्थित अदनान के मकान पर पहुंची और परिवार वालों से रहने के लिए जमीन और मकान मांगा। आरोप है कि उसकी पत्नी और परिवार के अन्य लोगों ने उसे दरवाजे के बाहर धकेल दिया और ताला लगा दिया। महिला ने कहा कि अब वह अपने बच्चों के साथ कहां जाए।
महिला के धरने पर बैठने और हंगामा करने की सूचना पर जीयनपुर कोतवाल संजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। काफी देर की मशक्कत के बाद महिला वापस हुई। इस संबंध में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि शक्ति भवन में पूर्णिमा सिंह की अदनान से मुलाकात हुई थी और 2012 में दोनों ने शादी कर ली थी। महिला का आरोप है कि अदनान ने धर्म छिपाकर उससे शादी की थी।
2022 में भी इस मामले को लेकर विवाद हुआ था। तब अदनान के परिवार वालों ने उसे कुछ जमीन दी थी, जिसे पूर्णिमा सिंह बेचकर चली गई थी। वर्तमान में अदनान हत्या के एक मामले में जेल में है। मंगलवार को पूर्णिमा फिर बागखालिस आई और घर में घुसने का प्रयास कर रही थी, जिसका परिवार के लोगों ने विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, महिला को न्यायालय के माध्यम से अपना हक हिस्सा लेने के लिए वापस भेज दिया गया। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।