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एडीएम वित्त ने मांगी आख्या

Wed, 07 Dec 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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चीनी मिल में बैठक करते जांच अधिकारी एडीएम वित्त वीके गुप्ता।
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चीनी मिल सठियांव के घाटे में की ओर अग्रसर होने की खबर का अमर उजाला में प्रकाशन होने के बाद मिल प्रबंधन में हड़कंप मचा ह़ुआ है। मंगलवार को कार्यदायी संस्था ईसजैक के जनरल मैनेजर जांच के लिए चीनी मिल पहुंचे। वहीं जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम वित्त भी जांच के लिए पहुंचे और उन्होंने मिल के 92 घंटे बंद से हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए कार्यदायी संस्था से 24 घंटों में आख्या मांगी। चीनी मिल के उपसभापति पराग यादव ने ठेकेदार का भुगतान रोकने और कार्यदायी संस्था से मिल में हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
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 बताते चलें कि जिस समय सठियांव चीनी मिल को आधुनिक किया गया था उस समय कहा गया था कि चीनी मिल खुद के द्वारा तैयार की गई बिजली से चलेगी और बाकी बिजली की बाहर सप्लाई की जाएगी। शनिवार को खबर आई कि केरमा में तार टूटने से चीनी मिल 24 घंटे बंद रही।

तब 'अमर उजाला' ने सोमवार के अंक में 'चीनी से नहीं निकल रहा गन्ने का मूल्य' शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। खबर का प्रकाशन होते ही मिल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सोमवार को चीनी मिल के उप सभापति पराग यादव डायरेक्टर विरेंद्र कुमार यादव और डायरेक्टर रणधीर सिंह चीनी मिल पहुंचे। जहां उन्होंने दूसरे सत्र में चीनी मिल को 92 घंटे बंद होना पाया। इस पर उपसभापति पराग यादव ने मिल के चेयरमैन जिलाधिकारी सुहास एलवाई से बात की और ठेकेदार का भुगतान रोक जांच कराने का आग्रह किया। वहीं मंगलवार को इसजैक हैवी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के जनरल मैनेजर योगेश मलिक और अमित शंकर चीनी मिल पहुंचे। वहीं जिलाधिकारी द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी एडीएम वित्त गुप्ता भी पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों और चीनी मिल के उपसभापति के साथ ही मिल के अधिकारियों से वार्ता की।
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उन्होंने चीनी मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे आधुनिक चीनी मिल सठियांव में यदि 92 घंटे लगातार बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप रही तो इसके कारणों को जान कर भविष्य में इस तरह के नुकसान से बचने के उपाय किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कार्यदायी संस्था को चेताया कि स्थानीय टेक्निशियन और इंजीनियर पर निर्भर न रहकर अच्छे टेक्निशियन और इंजीनियर बुलाकर उनसे काम करएं। कार्यदायी संस्था से और मिल प्रशासन से नुकसान संबंध में 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। बैठक में चीनी मिल के उपसभापति पराग यादव ने मांग किया कि  बिजली आपूर्ति व्यवस्था के ठप होने के कारण  चीनी मिल को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कार्यदायी संस्था इसजैक से वसूलकर किया जाएगा। उन्होंने मांग किया कि मिल के ठेकेदार का भुगतान जांच होने तक रोका जाए। जीएम बीके अबरोल, मुख्य गन्ना अधिकारी बीपी पांडेय, साइट इंचार्ज सुरेश चौहान, बिजली विभाग से धीरज सिंह, सीताराम यादव, प्रधान सुरेश यादव, एनके बाजपेयी रहे।
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