आजमगढ़। पीडब्ल्यूडी की ऐसी सड़कें हैं जो ए-ग्रेड में है उसे सी-ग्रेड में दिखाकर मरम्मत के नाम पर बजट अलॉट कराने और धनराशि का बंदरबांट कराने के आरोप लगाने के बाद कमिश्नर ने इस पर जांच बिठा दी है। एडिश्नल कमिश्नर को जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। कमिश्नर ने प्रकरण में 16 जून तक मामले में रिपोर्ट तलब की है।
भाजपा लालगंज के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत राय और सारथी सेवा संस्थान के विनीत सिंह रीशू ने पिछले दिनों कमिश्नर और डीएम से शिकायत की थी। अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग पर अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए शासन के मंशा विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया था। कैटेगरी ए की सड़कों को कैटगरी सी में दर्शाकर मनमाने ढंग से बजट का आवंटन कराने और चहेते ठेकेदारों की निविदा स्वीकार करने की बात कही गई थी। ये भी कहा गया था कि 27 मई को कई सड़कों के नवीनीकरण कार्य के लिए निविदा निकाली गई थी। इसमें सोफीपुर-बसही मार्ग, बूढ़नपुर-दीदारगंज मार्ग, छितौनी-एदिलपुर मार्ग की सामान्य मरम्मत और अन्य का टेंडर था। आरोप लगाया कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए इन सड़कों की कैटेगरी में परिवर्तन किया गया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर ने प्रकरण में जांच टीम का गठन कर दिया है। इसमें एडिश्नल कमिश्नर अनिल मिश्र अध्यक्ष, एसई आरईएस, एक्सईएन आरईएस, उप निदेशक राष्ट्रीय बचत, सहायक लेखाधिखारी जेडीसी को शामिल किया गया है। 16 जून तक मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।