फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध निर्माणों के खिलाफ एडीए ने की कार्रवाई

विज्ञापन
सिधारी स्थित तमसा किनारे बने अवैध मकान का गिरवाते विकास प्राधिकारण के लोग। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद में वनीकरण, क्रीड़ा पार्क और नदी के किनारे तक सटाकर हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ एडीए ने बुधवार को कड़ी कार्रवाई की। एडीए सचिव बाबू सिंह टीम के साथ पहले हड़हा बाबा स्थान पर पहुंचे उन्होंने नदी के किनारे तक सटाकर हुए निर्माण को ढहाया। इसके बाद नरौली क्षेत्र में एक बिल्डर की अवैध प्लाटिंग को ढहाया।
विज्ञापन

जनपद में धड़ाधड़ हो रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगने का नाम नहीं ले रही है। एडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता से यह कार्य तेजी से हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए डीएम के निर्देश पर बुधवार को एडीए हरकत में आया। बुधवार को एडीए सचिव बाबू सिंह के नेतृत्व में टीम हड़हा बाबा स्थान पहुंचा। यहां पर एक व्यक्ति ने नदी के किनारे तक सटाकर निर्माण कराया था। इसे पूर्व में अमर उजाला की ओर से खबर के जरिए प्रकाशित भी किया जा चुका है। डीएम का निर्देश हुआ तो एडीए सचिव ने उसे ढहाया। इसके बाद टीम नरौली टैक्सी स्टैंड पहुंची जहां क्रीड़ा पार्क की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की गई थी। एक जगह की प्लॉटिंग को ढहाने के बाद जब दूसरी जगह की प्लाटिंग ढहाने की कार्रवाई चल रही थी तभी बुलडोजर के चालक ने तेल न होने का बहाना कर उसे बाहर निकालना चाहा लेकिन एडीए सचिव ने उसे रोका और शेष बची प्लाटिंग की दीवार को गिराने का निर्देश दिया। इस स्थान पर कुल 60 प्लाटिंग की गई थी। एडीए की इस कार्रवाई से इस क्षेत्र में प्लाट लेने वालों और मकान बनाने वालों में हड़कंप मचा हुआ था।
--
प्लाटिंग के एक कोने पर बने मकान पर नहीं दिया ध्यान
नरौली पुल पर जब एक बिल्डर द्वारा की गई प्लाटिंग के बगल में ही एक व्यक्ति द्वारा भवन का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन एडीए के अधिकारियों ने उस तरफ देखा तक नहीं। दोनों उस मकान के बनने पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। जेई और एई का कहना था कि सचिव साहब जाने और सचिव का कहना था कि इसे नोटिस दिया गया था तो फिर बन कैसे गया। इसके बाद आधी अधूरी कार्रवाई कर अधिकारी वहां से चलते बने।
विज्ञापन

--
किसानों से सीधे बैनामा कराकर कार्रवाई से बचते हैं बिल्डर
वन, क्रीड़ा, पार्क की भूमि पर प्लाटिंग का कार्य करने का धंधा काफी पुराना है। बिल्डर किसानों से बात कर उनकी जमीन का एग्रीमेंट करा लेते हैं। बाद में उस जमीन का बैनामा ग्राहक को किसानों के जरिये कराते हैं जिससे उनका कहीं भी नाम आता है। बाद में परेशान वह होता है जो उनकी बातों में आकर जमीन बैनामा लेता है। हालांकि एडीए बिल्डर को जानता है लेकिन उसके नाम पर कुछ है ही नहीं तो वह कार्रवाई किस पर करेगा।
--
डीएम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। जिसमें एक जगह पर एक निर्माण जो नदी के किनारे तक था उसे ढ़हाया गया है। दूसरे स्थान पर लगभग 60 प्लाटिंगों को धराशाई किया गया। इसके अलावा एक जगह पर और निर्माण धराशाई किए गए हैं। जो प्लाटिंग का कार्य है यह जनपद के एक बिल्डर द्वारा क्रीड़ा पार्क की भूमि में किया गया है। रही बात मकान बनने की तो इसका मामल सुनवाई में है। सुनवाई का कार्य पूरा होने पर कार्रवाई की जाएगी। - बाबू सिंह, एडीए सचिव।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें