आजमगढ़। अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, बलिया और मऊ में इसके कारोबारियों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। जमानत पर रिहा हुए शराब माफिया पर कार्रवाई की जाएगी। ये बातें अजमतगढ़ में मौके का जायजा लेने पहुंचे डीआईजी उदयशंकर जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहीं। डीआईजी ने बताया कि सगड़ी क्षेत्र के केवटहिया, ओड़रा सलेमपुर में 13 और अजमतगढ़ में चार लोगों की जहरीली शराब से हुईं मौतों का मामला गंभीर हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि स्थानीय पुलिस ने अगर पहले अवैध शराब के धंधे की जानकारी दी होती तो कार्रवाई होती और इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने में कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
मातहतों को निर्देश दिया गया है कि वे अवैध शराब के धंधे को बंद कराने के लिए हरसंभव कार्रवाई करें। उन्होंने बताय कि शराब माफिया पर कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार की गई है। मंडल के आजमगढ़ ही नहीं बल्कि बलिया और मऊ के पुलिस अधीक्षक को शराब माफिया के पुराने रिकार्ड खंगालने, कहां कब जहरीली शराब पीने से मौत हुई, शराब माफिया के नेटवर्क समेत अन्य जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि वे जमानत पर छूटे शराब माफिया के बारे में बताएं जो इस धंधे में लिप्त हैं। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही अवैध शराब का धंधा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। दस रुपये वाली शराब के पाउच के बारे में कहा कि स्प्रिट से बनी यह काफी खतरनाक है। यह पता किया जा रहा है कि इन पाउच की आपूर्ति कौन कर रहा है और ये कहां-कहां बेची जा रही है।