आफताब अंसारी उर्फ अमित ने कभी भी अपना सही नाम, पता व धर्म नहीं बताया, हमेशा हिंदू बनकर मिलता था।इस तरह उसने पिछले साल 25 मार्च को काली मंदिर, चौकाघाट में पीड़िता के परिजनों की मौजूदगी में विवाह किया। आफताब अंसारी उर्फ अमित की ओर से कोई परिजन उपस्थित नहीं था, बल्कि उसने 4-5 परिचितों को अपने घर का सदस्य बताकर परिवार वालों से मिलवाया था।
विवाह में पीड़िता के माता-पिता ने लगभग 1 लाख रुपये नकद दिए थे। शादी के बाद वह पीड़िता को अपने घर नहीं ले गया, बल्कि नई बस्ती लहरतारा में किराये के कमरे में रखने लगा। कुछ ही दिनों बाद सच्चाई मालूम हुई कि वह हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है। विरोध करने पर पिटाई और जान से मारने की धमकी दी और धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने का दबाव बनाने लगा।
इस दौरान वह पीड़िता को अपने रसूलपुर हरहुआ स्थित घर ले गया, जहां उसके पिता नवी रसूल, मां गंगाजली व भाई मिठू अंसारी ने भी मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया। धमकी दी कि किसी से मुंह खोला तो तुम्हारे भाई और पिता की हत्या करा देंगे।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आफताब अंसारी उर्फ अमित ने लगभग एक माह तक अपने माता-पिता के घर पर बंधक बनाकर रखा और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा, जहां उसके भाई मिठू अंसारी ने भी दुष्कर्म किया।
पीड़िता के अनुसार, आफताब अंसारी और उसका भाई गरीब व असहाय लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनकी खरीद-फरोख्त करते हैं। पूर्व में कई लड़कियों का शारीरिक शोषण किया गया है और आफताब अंसारी उर्फ अमित पहले भी जेल जा चुका है।
अंबेडकरनगर में किशोरी से दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी मो. रुस्तम को सिगरा थाने की पुलिस ने शुक्रवार को कैंट रोडवेज के श्रीराम कॉम्प्लेक्स के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर गोसियाना स्थित गडैया का निवासी है।
सिगरा थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी के पिता ने पुलिस को बताया कि 21 अप्रैल को बेटी लापता हो गई थी। 22 अप्रैल की रात बेटी मिल सकी। बेटी ने बताया कि भाई को विद्यालय छोड़ने गई थी। इसी बीच नदेसर का रहने वाला मो. रुस्तम विद्यालय पर पहुंचा और घुमाने के बहाने उसे अंबेडकरनगर ले गया। वहां एक मजार पर पानी के बहाने नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। साथ ही नाम बदलकर आफरीन बानो कर दिया। फर्जी आधार कार्ड बनवाया और रूम में ले गया। वहां दुष्कर्म किया।
अचेत होने के बाद अगले दिन फर्जी कागजात के आधार पर अंबेडकर नगर की अदालत में कोर्ट मैरिज करने ले गया। एक अधिवक्ता ने शक के आधार पर पूछताछ की, तो झूठ बोलकर मो. रुस्तम भाग गया। बाद में शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी। सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी को सीजेएम की अदालत में पेश गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।