आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी नजीरूद्दीन उर्फ अउवा-पउवा को दूसरे दिन मंगलवार को पॉस्को कोर्ट में पेश किया गया, साथ ही मौके से लिए गए सैंपल को भी दाखिल किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। साथ ही उसका डीएनए जांच कराने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में और सक्रियता बरतनी शुरू कर दी है।
24 नवंबर की रात हुए तिहरे हत्याकांड की जानकारी पुलिस को दूसरे दिन 25 नवंबर की सुबह साढ़े दस बजे हुई। घटना के आठ दिन बाद सोमवार को आरोपी नजीरूद्दीन को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। सोमवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश नहीं कर सकी थी। मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर अखिलेश मिश्रा ने आरोपी को कड़ी सुरक्षा में लेकर पॉस्को अदालत पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने मौके से जुटाए सेंपल भी दाखिल किया। साक्ष्य सबूतों पर गौर करते हुए अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया। साथ ही डीएनए जांच कराकर उसकी रिपोर्ट तत्काल पेश करने को कहा।
000
छह दिन बाद आई पीड़िता के चेहरे पर मुस्कान
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुए 24 नवंबर की रात तिहरे हत्याकांड में रेप की शिकार दस वर्षीय बच्ची का अभी भी शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा। जहां उसके हालत में सुधार हो रहा। घटना के बाद से ही बच्ची डिप्रेशन में थी। घटना के छह दिन बाद रविवार की रात को मायूस बच्ची के चेहरे पर उस समय मुस्कान फैल गई जब उसने पुलिस के गिरफ्त में मुख्य आरोपी को हथकड़ी लगे देखा। हालांकि इस दौरान ऐसा प्रबंध किया गया था कि बच्ची आरोपी को देख सके, जबकि आरोपी उसे न देख पाए।
000
दो माह पूर्व भी पुलिस ने की थी आरोपी से पूछताछ
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर बाजार में 19 अक्तूबर की रात युवक साकिर और उसके पांच माह की बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई। जबकि साकिर की पत्नी जैनब घायल हो गई थी। साकिर का हत्यारोपी उसका पिता ही निकला। सघन इलाज के बाद जैनब की हालत में सुधार हो सका। सीओ सदर मो. अकमल खां के मुताबिक तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी नजीरूद्दीन साकिर का साढ़ू है। नजीरूद्दीन की शादी उसकी पत्नी की बहन के साथ हुई थी। इस दौरान नजीरूद्दीन की पत्नी उसे छोड़ चुकी थी। ऐसे में पुलिस ने साकिर और उसके पांच माह की बच्ची के हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए नजीरूद्दीन को हिरासत में ली थी। हालांकि मामले में उसका कोई रोल न होने की वजह से उसे छोड़ दिया गया था।