आजमगढ़। होली पर गांव-गांव अबीर गुलाल उड़े। रंगों से सराबोर लोग रंग बसरे भीगे चुनरवाली...पर जमकर थिरकते नजर आए। वहीं युवाओं ने जमकर मस्ती की। टोलियां बनाकर गांव-गांव घूमे और एक-दूसरे को रंग लगाकर मस्ती की। अहरौला प्रतिनिधि के अनुसार गहजी महिपालपुर में बस्ती भुजबल गांव स्थित ब्रह्मलीन संत मौनी बाबा के आश्रम में होली के दिन संगीत गायन का आयोजन हुआ। जिसमें गांव के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग जैसे शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, सामाजिक कार्यकर्ता व आचार्य आदि लोग शामिल हुए। इस दौरान फगुआ, डोगरा, चैता व पचरा गाया गया। लोगों ने जोगीरा भी बोलकर एक-दूसरे को गले लगाकर होली की हार्दिक शुभकामनाएं दी। वीरेंद्र चौबे, योगेंद्र पाठक, रमाशंकर पांडेय, घनश्याम चौबे, नरसिंह चौबे, जिलाजीत चौबे, लक्ष्मी चौबे, मुंदर सिंह, कमलेश चौबे व हरिशंकर चौबे सहित आदि उपस्थित थे।
सरायमीर प्रतिनिधि के अनुसार हर बार की तरह इस बार भीकस्बा में जमकर अबीर-गुलाल उड़े। हालांकि इस बार लोगों की भीड़ एकत्र नहीं होने के निर्देश थे जिसके कारण बारात नहीं निकल सकी। लोगों ने शांतिपूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी। घरों बने विभिन्न प्रकार के व्यंजन पकवान का भी लुफ्त उठाया।सुरक्षा की दृष्टि से इंस्पेक्टर अनिल सिंह पुलिस बल के साथ क्षेत्र में चक्रमण करते रहे।
मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में हर्ष उल्लास और उमंग का होली का पर्व मनाया गया। दिनभर लोग अबीर गुलाल उड़ाते रहे और एक दूसरे पर रंग बरसाते रहे। शाम को एक दूसरे को गले मिलकर होली की बधाई दी गई। कोरोना वायरस को देखते हुए नगर में हनुमान दल अखाड़ा द्वारा जुलूस नहीं निकाला गया। फूलपुर में मां दुर्गा कीर्तन मंडल द्वारा अचारी जी महाराज मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। पूरे नगर में दिनभर होली की हुड़दंग मची रही। सुरक्षा की दृष्टि से रोडवेज और शंकर तिराहा पर पीएसी की तैनाती की गई थी।
परीक्षा का टेंशन भूले विद्यार्थी
रंगों का त्योहार होली एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया। सुबह होलिका पूजन के बाद युवाओं और बच्चों ने जमकर होली खेली। लोगों ने उसे रंग-गुलाल में रंग दिया। परीक्षाओं को नजरअंदाज कर छोटे-बड़े सभी रंगे हुए नजर आए। सड़क पर चलते राहगीरों को भी किसी ने नहीं छोड़ा। छोटे से लेकर बड़े सभी एक-दूसरे को रंगते नजर आए। हाथों में रंग लेकर दोस्त यारों को लगा रहे थे तो कुछ छतों पर खड़े होकर गुब्बारों और पिचकारियों से राहगीरों पर रंग बरसा रहे थे।
राहगीरों को भी नहीं छोड़ा
होली खेल रहे युवकों और बच्चों ने किसी राहगीर को बिना रंगे नहीं छोड़ा। रंग से होली खेलने का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। जैसे-जैसे मौसम में गर्मी बढ़ती गई होली खेलने वाले होली खेलने में मस्त हो गए। कई स्थानों पर शराब और ठंडाई का दौर चला। गली मोहल्लों, सड़कों पर रंगों की बौछारों के मध्य युवा मस्ती में डूबे हुए थे।
गले मिलकर दी शुभकामनाएं
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास एवं परंपरागत ढंग से आपसी भाईचारे के साथ एक दूसरे को रंग लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। रंगों और अबीर-गुलाल से सराबोर कर परस्पर हर्ष का इजहार किया गया। जगह-जगह लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर होली की बधाई दी। सुबह से ही होली खेलने वालों की टीम सड़कों पर उतर आई। जो भी मिलता उसी को पकड़कर रंग से सराबोर कर दिया जाता।
पुलिस ने खदेड़ा भीड़
हर से लेकर गांव तक लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर होली खेल रहे थे। कई जगहों पर अधिक भीड़ रही। जिसे पुलिस ने खदेड़ दिया। हालांकि इसे लेकर लोगों ने विरोध भी किया। कई जगह तो पुलिस ने लाठियां भी भांजी। जिसे लेकर लोगों में रोष रहा। वहीं पुलिस कोविड-19 के मद्देनजर एक स्थान पर अधिक भीड़ नहीं होने दे रही थी।