आजमगढ़। जिले में माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की अपार आईडी बनाने में आ रही दिक्कतों का समाधान किया जाएगा। पूर्व में दिए गए छूट के साथ ही अब आधार के नाम व जन्म प्रमाणपत्र को लेकर आ रही दिक्कतों को लेकर भी बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक अगर जन्म प्रमाणपत्र नहीं है, तो आधार में लिखा नाम मान्य होगा। इससे शिक्षकों को राहत मिली है।
एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र 2025-26 से पहले सभी छात्रों की आइडी बनाई जाए। 12 अंकों की आइडी के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों का ब्योरा ऑनलाइन देखा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम विद्यार्थियों के पास जन्म प्रमाणपत्र न होने से अपार आइडी बनाने का कार्य लंबित हो रहा है। जिन छात्रों का जन्म घर पर हुआ है, उनके पास जन्म प्रमाण का कोई भी जरूरी दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उनकी अपार आइडी नहीं बन पा रही थी। अगर प्रासंगिक दस्तावेजों के आधार पर विद्यार्थियों को विद्यालय में प्रवेश दिया गया है, तो आधार कार्ड पर उसकी आइडी तैयार की जाएगी। वहीं जिन छात्रों के पास जन्म प्रमाणपत्र है उनके लिए कोई कठिनाई नहीं है।
कोट
अपार आइडी के लिए आधार को मान्य किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है।
राजीव पाठक, बीएसए, आजमगढ़