आजमगढ़। छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में प्रिंट करने के मामले की जांच चल रही है। आरपीएफ ने आरोपी विकास के ठिकाने का पता लग जाने का दावा भी कर रही है। मामले को एक सप्ताह से अधिक हो गए लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आरपीएफ का दावा हवाहवाई साबित होता नजर आ रही है। वहीं फोन पर लोगों को डील करने वाला मुख्य आरोपी विकास अभी भी अवैध टिकट का कालाकारोबार धड़ल्ले से कर रहा है।
इंडियन रेलवे में ऐसी पहला मामला सामने आया है जिसमें किसी अन्य राज्य के रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट किसी दूसरे राज्य में प्रिंट कर यात्रियों को महंगे दामों में मुहैया कराया जा रहा हो। मामले की जांच आरपीएफ कर रही है। जांच में विकास का ठिकाना पता लगने का दावा तो किया जा रहा लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी। आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद्र मीना ने बताया कि आरोपी विकास का गांव, घर, दुकान, बैंक अकाउंट नंबर सहित तमाम जानकारी मिल चुकी है। गिरफ्तारी भी बहुत जल्द ही कर ली जाएगी। गिरफ्तारी के बाद ही पता लगेगा कि छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में कैसे पहुंचा। इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं। इस तरह की गड़बड़िया कैसे की जा रही हैं। उनके पास रोल कैसे पहुंचा जिस पर वह टिकट प्रिंट कर रहे हैं।