बरदह। ठेकमा ब्लॉक के इशहाकपुर गांव में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित टीम एक माह बाद भी जांच नहीं की। जबकि डीएम ने एक महीने में ही जांच करके रिपोर्ट देने को कहा था। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दोबारा शिकायत पत्र सौंपकर जांच कराने की मांग की है।
गांव के रुदल राजभर, अवधेश राजभर, चंद्रिका राजभर सहित ने आरोप लगाया है कि ग्राम निधि व विधायक निधि से कराये गये कई विकास कार्य या तो अधूरे हैं या फिर केवल कागजों पर ही दर्शाए गए हैं। इस संबंध में उन्होंने 13 जून 2025 को शपथ पत्र सहित शिकायती पत्र जिलाधिकारी को सौंपा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और अधिशासी अभियंता (बाल विकास खंड) को जांच अधिकारी नियुक्त कर 30 दिनों में रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इस पर ग्रामीणों ने 29 जुलाई 2025 को फिर से डीएम को शिकायत पत्र सौंपकर जांच में तेजी लाने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।