आजमगढ़। जिले में नए सत्र 2025-26 में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने की चल रही कवायद के बीच शासन ने उपस्थिति बढ़ाने व ड्रॉपआउट कम करने के लिए पूर्व में जारी आदेश को संशोधित कर दिया है। इसके तहत अब बच्चा बिना कारण तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो बुलावा टोली उसके घर जाकर संपर्क करेगी। परिषदीय विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने व ड्रॉपआउट कम करने के साथ ही बच्चे के लिए उपचारात्मक कक्षाएं भी चलेंगी।
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि पहले छह से 14 वर्ष के किसी बच्चे को आउट ऑफ स्कूल तब माना जाता था जब वह प्रारंभिक विद्यालय में कभी नामांकित न हो या नामांकन के बाद विद्यालय से निरंतर 45 दिन या उससे अधिक अवधि तक अनुपस्थित रहा हो। संशोधित आदेश के अनुसार किसी बच्चे को आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा यदि उसका प्रारंभिक विद्यालय में कभी नामांकन न हो या नामांकन के बाद शैक्षिक सत्र में 30 संचयी दिनों से अधिक अनुपस्थित रहा हो और वार्षिक और नैट मूल्यांकन में 35 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए हो। उन्होंने शासन के निर्णय का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।