आजमगढ़। बिना पंजीकरण के किसानों से गेहूं की खरीद नहीं की जा सकती है। लाक डाउन के कारण सारे कंप्यूटर सेंटर और जनसेवा केंद्र बंद चल रहे हैँ। ऐसे में किसानों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। जिसे देखते हुए डीएम ने जनपद में बनाए गए सभी 68 क्रय केंद्रों के समीप स्थित एक जन सेवा केंद्र को खोलने का निर्देश दिया है। वर्ष 2020-21 में खाद्य विभाग के 20, पीसीएफ के 43, यूपी एग्रो के 3 तथा भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। 15 अप्रैल से खरीद शुरू हुई है। दो दिन में कुल 315.12 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। डीएम ने कहा कि पूर्ण मनोयोग से गेहूं की खरीद करें। लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
कोई भी परेशानी आने पर इसका सीधा असर किसानों पर पड़ता है। पहले कटाई और मड़ाई को लेकर अनिश्चितता और अब गेहूं की बिक्री को लेकर पंजीकरण का झंझट। किसानों की इन समस्याओं के समाधान के लिए शासन की ओर से दिन प्रतिदिन लाक डाउन के नियमों में ढ़ील दी जा रही है। ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों के पंजीकरण की समस्या को देखते हुए डीएम एनपी ने जनपद में स्थापित 68 क्रय केंद्रों के समीप एक-एक जन सेवा केंद्र खोलने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि 21 अप्रैल से सभी जन सेवा केंद्र खुल जाएंगे। उन्होंने बताया कि लाक डाउन के कारण बाट माप के सत्यापन की समस्या आ रही है। इसलिए धान खरीद में जो बाट माप सत्यापित हुए थे वह 30 अप्रैल तक के लिए वैध होंगे। बाट माप की टीम को सत्यापन के लिए लगा दिया गया है।
किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए कृषि विभाग में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका नम्बर 9451549206 है, जो सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित रहेगा। इस नम्बर पर कोई भी किसान अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकता है।
आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ
क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं के लिए आया पैसा
ताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने, पानी, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था न मिलने पर उन्होंने संबंधित विभागों को इसकी फटकार लगाई थी। इस पर उन्होंने पैसा न मिलने की बात कही थी। इस पर उन्होंने संबंधित क्रय केंद्र के अधिकारियों को तत्काल क्रय केंद्र प्रभारियों के खाते में पैसा स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में 9000 रुपये क्रय केंद्र प्रभारियों के खाते में पैसा पहुंच गया।
डीएम ने बताया कि गेहूं खरीद में बोरे की मुख्य भूमिका होती है। बिना बोरे के गेहूं की खरीद रुक सकती है। इसके लिए डिप्टी आरएमओ को निर्देशित किया गया है कि वह बोरे की सिलाई करने वाली दुकान को चिन्हित करें ताकि उसे खुलवाया जा सके। उनके द्वारा सिधारी में एक दुकान चिन्हित की गई है जिसे खोलने का निर्देश जारी कर दिया गया है।