बैंकों में शुक्रवार को अधिक भीड़ मध्यम वर्ग और सामान्य तबके के लोगों की मिली। बड़े व्यापारी, जनप्रतिनिधि कतार में कहीं नहीं दिखे। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों के बैंकों पर सुबह आठ बजे से ही लोग जुटने शुरू हो गए थे।
एक हजार और पांच सौ के नोटों को अमान्य किए जाने के बाद लोगों की परेशानी इस कदर बढ़ गई है कि वे जरूरी वस्तुओं की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। घरों में लोगों ने बेवक्त के लिए पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट जमा कर रखे थे। अचानक बड़े नोटों का प्रचलन बंद होने और दूकानदारों की ओर से पड़े नोट नहीं लेने के कारण लोगों को दूध, सब्जी, दवा आदि के लिए लोगों को 100 - 50 रुपये की व्यवस्था करने के लिए भटकना पड़ रहाहै।
यही वजह है कि बैंकों पुराने नोट जमा करने वालों में सबसे अधिक मध्य वर्ग और सामान्य तबके के लोग हैं जिन्हें परिवार चलाने के लिए छोटे नोटों की सख्त जरूरत है। मुहम्मदपुर यूबीआई शाखा में लाइन में लगे तरौका गांव निवासी दयानंद राय ने कहा कि बैंकों से जरूरत के हिसाब से रुपये नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है लेकिन काले धन पर अंकुश के लिए सरकार का यह सराहनीय कदम है। बिजली का बिल और संभागीय परिवहन कार्यालय में गाड़ियों के टैक्स जमा करने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। दोनों स्थानों पर लोगों ने बिल और टैक्स जमा किए।
हमारे पास पर्याप्त मात्रा में नए नोट आ गए हैं लेकिन इसकी फीडिंग में परेशानी हो रही है जिसके कारण इनका वितरण नहीं किया जा रहा है। एटीएम में अभी कैश लिमिट फिक्स नहीं हो सका है, जिसके चलते एटीएम में रुपये नहीं डाले जा सके। उम्मीद है कि यह दोनों कार्य आज रात तक पूरे कर लिए जाएंगे और रविवार से लोगों को एटीएम और बैंक से नए नोट मिलने शुरू हो जाएंगे। - जयराम वर्मा, शाखा प्रबंधक, मुख्य शाखा, स्टेट बैंक आफ इंडिया
अभी यह आकलन करना मुश्किल है कि कितना पैसा जमा हुआ लेकिन गुरुवार को अनुमानत: 100 से 150 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए थे। शुक्रवार को दूसरे दिन यह आंकड़ा दो सौ करोड़ के करीब पहुंचने का अनुमान है। अभी तक यूनियन बैंक में नए पांच सौ से नोट उपलब्ध नहीं हुए हैं। सिर्फ दो हजार के नोट ही उपलब्ध हुए हैं। 2005 के पूर्व के नोटों को नहीं लिया जा रहा है। जनपद में यूबीआई के आज 20 से 25 एटीएम खुले थे, जिनसे लोगों ने पैसे निकाले। एक सौ के नोटों की कमी को देखते हुए शहर क्षेत्र के एटीएम को चालू नहीं किया गया। - एसके सिंह, डीजीएम, अग्रणी बैंक यूनियन बैंक आफ इंडिया
एटीएम में कैश लिमिट फिक्स न किए जाने के कारण जिले भर में एसडीएफसी को छोड़कर राष्ट्रीयकृत और अन्य बैंकों के एटीएम की सेवा शुक्रवार को बहाल नहीं हो सकी। जनपद में सिर्फ एचडीएफसी बैंक के एटीएम से ही सौ-50 के नोट निकले।
जिले में एचडीएफसी बैंक के आठ एटीएम बूथ हैं। इन बैंकों के एटीएम में कैश लिमिट पहले ही फिक्स कर दिए गए थे और सौ के रुपये लगाए गए थे। एचडीएफसी बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक सौरभ महराज ने बताया कि एक एटीएम में सौ के चार लाख रुपये भरने की क्षमता है। कुल आठ एटीएम में चार-चार लाख रुपये भरे गए थे, जिससे लोगों ने एटीएम से रुपये निकाले। आरबीआई की गाइड लाइन के तहत दो हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं।
आगे जैसा निर्देश होगा, इसकी सीमा बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि नगर स्थित एचडीएफसी एटीएम बूथ पर रुपये निकालने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी थीं। अन्य बैंकों के एटीएम काम नहीं करने के कारण अन्य बैंकों के खाताधारक भी कतार में लगे रहे। कई एटीएम बूथों पर दोपहर में ही रुपये खत्म हो गए, जिससे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। उधर, लीड बैंक यूनियन बैंक आफ इंडिया के बड़े अधिकारियों का कहना था कि देहात क्षेत्र के कुछ एटीएम से रुपये निकाले गए।