आजमगढ़। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण हो रही मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राजघाट पर शवों को जलाने के लिए लाइन लगी हुई है। वहीं राजघाट के डोमराजा और लकड़ी विक्रेता द्वारा द्वारा लोगों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। इसे देखते हुए एडीएम प्रशासन द्वारा यहां पर एक और डोम के साथ दो से तीन लकड़ी के स्टाल और बढ़ाने का निर्णय लिया है। कोरोना काल में जहां मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। लोग डरे और सहमे हुए हैं वहीं कुछ लोग इसका फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहा है। राजघाट पर नियुक्त डोम और लकड़ी कारोबारी भी इससे अछूते नहीं है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह अपने मातहतों के साथ राजघाट का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने शवों का अंतिम संस्कार करने आए लोगों से बातचीत की। जिसमें पता चला कि डोम द्वारा उनसे तीन हजार रुपये तक वसूल किए गए हैं। इस पर एडीएम प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए डोम को फटकार लगाई और उक्त व्यक्ति से निर्धारित रेट से अधिक वसूले गए पैसे की वापसी कराई। इसके बाद वह सड़क के किनारे लगे लकड़िया के स्टाल पर पहुंचे जहां पूछताछ करने पर पता चला कि लकड़ी की बिक्री करने वाला भी लोगों से अधिक पैसा वसूल रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और लकड़ी की बिक्री करने वाले से लकड़ी के लिए गए अधिक पैसे को वापस कराया। एडीएम ने एसडीएम निजामाबाद को निर्देश दिया कि राजघाट पर एक और डोम की नियुक्ति करें। साथ ही लकड़ियों के और स्टाल बढ़वाएं ताकि इन लोगों की मनमानी पर रोक लग सके।