आजमगढ़। नगर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बाल पुष्टाहार राज्यमंत्री के आदेश पर अमल नहीं हो रहा। मंत्री के आदेश के बाद भी शहर के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियां डुगडुगी बजवाने से परहेज कर रही हैं। बिना डुगडुगी बजाए कागज पर ही लाभार्थियों के बीच पुष्टाहार का वितरण किया जा रहा है। शनिवार को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान डीपीओ ने खुद सीताराम मुहल्ले में एक आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। जहां पुष्टाहार का वितरण नहीं पाया। जबकि मई के आखिरी शनिवार को गर्भवती, धात्री और किशोरियों के बीच पुष्टाहार का वितरण किया जाना था।
नगर के 25 वार्डों में कुपोषण से बचाने के लिए 191 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। सभी केंद्रों पर लगभग 3402 गर्भवती, धात्री, किशोरियां पंजीकृत हैं। इसमें लगभग 1528 गर्भवती, 1337 धात्री महिलाएं और 537 किशोरियां हैं। नियमत: प्रत्येक लाभार्थी को महीने के प्रथम शनिवार और तीसरे शनिवार को 12 दिनों के लिए 150 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से एक किलो आठ सौ ग्राम एनर्जी फूड दिए जाने की व्यवस्था है।
मगर शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है। आंगनबाड़ी केंद्र, कार्यकत्रियों के आंगन और किचेन में चलता है। नियमत: केंद्रों पर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या को बोर्ड और पंजीकृत कुपोषित बच्चों, गर्भवती, धात्री, किशोरियों की सूची होनी चाहिए। मगर आधे से अधिक केंद्रों पर इस तरह की कोई सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को केंद्रों के बारे में पता नहीं चल पाता । जागरूकता के अभाव में लाभार्थियों को मिलने वाले पुष्टाहार की जानकारी नहीं हो पाती है। ऐसे में घपला कर पुष्टाहार पशु आहार के रूप में बेच दिया जाता है।
इस तरह की शिकायतें मिलने पर तीन माह पूर्व बाल पुष्टाहार राज्य मंत्री वसीम अहमद ने लाभार्थियों में जागरूकता पैदा करने के लिए आंगनाबाड़ी केंद्रों पर डुगडुगी पिटवा कर पुष्टाहार वितरण करने का आदेश दिया था। आदेश के पालन में शहर में अप्रैल माह के प्रथम शनिवार को कुछ केंद्रों पर डुगडुगी बजवा पुष्टाहार का वितरण शुरू किया गया। मगर मई माह के आखिरी शनिवार की पूर्व संध्या पर शहर के आधे से अधिक केंद्रों पर डुगडुगी नहीं बजाई गई। शनिवार को इन केंद्रों पर कागज पर ही लाभार्थियों के बीच पुष्टाहार का वितरण कर दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी सेराज अहमद ने बताया कि शनिवार को पहले दिन निरीक्षण के दौरान सीताराम वार्ड में उन्होंने एक केंद्र पर पुष्टाहार वितरण नहीं पाया। अन्य केंद्रों की भी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर दोषी कार्यकत्रियों के साथ ही सुपरवाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।