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कब तक तमसा को प्रदूषित होते देखते रहेंगे

Fri, 10 May 2013 05:30 AM IST
Azamgarh
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आजमगढ़। शहर के 10 बड़े नालों से तमसा नदी में सीधे जल मल प्रवाहित किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए नगर पालिका प्रशासन उदासीन बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता इसी तरह बनी रही, तो शहर की तमसा प्रदूषित होती रहेगी। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण बोर्ड ने नगर पालिका प्रशासन को नोटिस के साथ पशुवधशाला को नोटिस भेजी है। इसके बाद भी कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।
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बता दें कि नगर में लगभग 26 बड़े नाले हैं। इसमें से 10 ऐसे बड़े नाले हैं, जिससे शहर के जल-मल सीधे तमसा में प्रवाहित हो रहे हैं। इसके अलावा पशुवधशाला से भी निकल रहे कचरों को तमसा नदी में ही बहाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से एसकेपी ब्रह्मस्थान से मुरली सिनेमा हाल, टेढ़िया मस्जिद से पुलिया गेट रेगुलेटर तक, डीएवी बंधा, नाला शारदा टाकिज, रैदोपुर चांदमारी, नाला नोचई की गली से रेगुलेटर नंबर चार से फराशटोला, नाला दड़बड़ टोली से दलालघाट, नाला हाइडिल चौक से पुराना पुल सिधारी शामिल है।
इन नालों से होकर तमसा में गिरने वाले जल मल को शुद्धि करने के लिए नगर पालिका के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की कोई योजना नहीं है। इसके विकल्प के रूप में पिछले साल नगर पालिका प्रशासन ने सालिड वेस्ट (कचरा) को नदी में गिरने से रोकने के लिए सभी नालों के तमसा नदी में मिलने से पहले तार की जाली लगाने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही समय-समय पर उसकी सफाई कराने की भी रणनीति तय की थी। इसकी हकीकत जानने के लिए पिछले दिनों क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने निरीक्षण किया, तो नालों पर जाली नहीं पाई गई। इस पर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी केके पांडेय का कहना है कि तार की जाली लगाने से प्रदूषित उत्प्रवाह तमसा नदी में गिरना बंद नहीं होगा और तमसा प्रदूषित होती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषित हो रही तमसा पर नगर पालिका क ो नोटिस भेजी गई है।
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नोटिस में कहा गया है कि किसी भी औद्योगिक उत्प्रवाह, सीवेज उत्प्रवाह आदि को बिना शुद्धिकरण के किसी भी वाटर बाडी में गिराया जाना दंडनीय अपराध है। साथ ही नगर पालिका के ईओ को निर्देश दिया गया है कि शहर से बहने वाले कचरे को बिना शुद्धिकरण के नदी में सीधे प्रवाहित करना बंद कर दें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही करें। इसके अलावा शहर के पशुवधशाला को बंद करने की भी नोटिस भेजी गई है।
नगरपालिका ईओ वीपी सिंह ने बताया कि तमसा को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवर लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है। बलरामपुर के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लान लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूर होेने पर ट्रीटमेंट प्लान लगाया जाएगा। इससे सीवर लाइन के साथ नगर के बड़े नालों को जोड़ा जाएगा।
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