आजमगढ़। घर से फरार होने के बाद बरामद हुई युवती का मजिस्ट्रेट के सामने 164 का बयान कराने के लिए दीवानी न्यायालय गए थानाध्यक्ष कप्तानगंज को कुछ अधिवक्ताओं ने घर लिया। साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया। बात आगे बढ़ती इससे पूर्व एसओ की सूचना पर वहां भारी संख्या में पुलिस के जवान पहुंच गए। इससे मामला शांत हो गया। कचहरी परिसर में कोतवाली पुलिस के साथ एएसपी नगर भी पहुंचे थे। इस घटना से एकबारगी कचहरी में हड़कंप की स्थित उत्पन्न हो गई थी।
थानाध्यक्ष कप्तानगंज शमीम सिद्दकी ने बताया कि थाना क्षेत्र के धनधारी गांव में बीते दिनों जेसीबी लगाकर दलित को पट्टे में मिले पोखरी को पाटा जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और कार्य को बंद करा दिए थे। यह मामला शांत भी हो गया है। लेकिन बुधवार को इसी घटना के प्रतिशोध में उसे दीवानी कचहरी में उस समय घेर लिया गया, जब वे घर से फरार होने के बाद बरामद हुई लड़की का बयान कराने के लिए कोर्ट गए थे। जैसे ही वे परिसर में प्रवेश किए वहां पहले से मौजूद कुछ अधिवक्ता उनसे उलझ गए। थानाध्यक्ष की मानेें तो अधिवक्ताओं ने उनके साथ अभद्रता किया। हालांकि इस दौरान कुछ अधिवक्ता उनके तरफ से दुर्व्यवहार करने वालों का विरोध भी किए। स्थिति बिगड़ते देख थानाध्यक्ष कप्तानगंज ने इसकी सूचना एसपी को दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी नगर विनोद कुमार, सीओ सिटी शिवहरि मीना, शहर कोतवाल मो. ईशा खान मय फोर्स कचहरी पहुंचे। अधिकारियों के साथ फोर्स के पहुंचने पर उत्पात करने वाले अधिवक्ता शांत हो गए। पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने बताया कि थानाध्यक्ष कप्तानगंज को निर्देश दिया गया है कि वह इस घटना की लिखित शिकायत करें। उसकी प्रति कार्रवाई के लिए बार काउंसिल को भेजा जाएगा।