आजमगढ़। चिटफंड कंपनी खोल निवेशकों का लाखों रुपये लेकर भागे आरोपी को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को रोडवेज के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार की खबर लगते ही कोतवाली पर पीड़ित निवेशकों की भारी भीड़ लग गई। सभी अपना निवेश कार्ड और कागजात दिखा रुपये वापस किए जाने की मांग करने लगे। कोतवाली प्रभारी ने आरोपी का असलहा लाइसेंस रद करने के उच्चाधिकारियों को लिखा है।
कोतवाल ने बताया कि सिधारी थाने के कीर्तिपुर गांव निवासी बृजभूषण तिवारी पुत्र रामचेत तिवारी ने वर्ष 1997 में शहर के सिविल लाइंस मुहल्ले में गुरु इंफोनेक्ट लिमिटेड एंड मिनिस्ट्रीय के नाम से इनवेस्टमेंट-फाइनेंस कंपनी खोली। इसके तहत लोगाें को खाता खोल डेली वेज की वसूली पर रुपया जमा कराया। दैनिक बचत खाता, सावधि बचत खाता एवं फिक्स डिपाजिट योजना के तहत रुपये जमा कराए जाते थे। दैनिक बचत खाता धारकों को प्रतिदिन बीस रुपये से अधिक का खाता खोलना था। कंपनी में कुल 58 लोगों ने खाता खोल लाखों रुपये जमा किया। रुपया जमा करने वाले को फर्जी रसीद दी जाती था। शक होने पर कुछ खाता धारकों ने जब पक्की रशीद मांगी तो संचालक आनाकानी करने लगा। वर्ष 2011 में शहर कोतवाली के कोट मुहल्ला निवासी बांकेलाल और वर्ष 2012 में सिविल लाइंस मुहल्ला निवासी दीपू पुत्र श्रीराम ने बृजभूषण तिवारी के विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने पर बृजभूषण तिवारी कंपनी बंद कर भाग गया। उसके साथ उसका पूरा स्टाफ भी गायब हो गया। पुलिस तभी से बृजभूषण तिवारी की तलाश में थी।
शुक्रवार की दोपहर मुखबिर से सूचना पर पुलिस ने बृजभूषण तिवारी को रोडवेज के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही निवेशक कोतवाली पर पहुंच गए। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि रुपये मांगने पर संचालक बृजभूषण अपना लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर उन्हें धमकाता भी रहा था। इस पर कोतवाल मो. ईशा खान ने उसके असलहे के लाइसेंस को रद करने के लिए उच्चाधिकारी को लिखा है। कोतवाली प्रभारी ईशा खां ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि 58 खाता धारकों के लगभग पांच लाख 90 हजार रुपये बृजभूषण तिवारी ने हड़प लिया है। अभी भी पुलिस कागजाें की तलाश कर रही है।