सठियांव। सिधारी थाना क्षेत्र के खेमऊपुर गांव में गुरुवार को चकबंदी को लेकर वोटिंग के दौरान ग्रामीण प्रधानपति से भिड़ गए। मामला गरमाने पर चकबंदी अधिकारी गांव से लौट गए।
खेमऊपुर गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर दो गुट हो गया है। एक गुट चकबंदी कराने के पक्ष में हैं, तो दूसरी चकबंदी के खिलाफ है। दोनों गुटों के बीच सहमति बनाने के लिए गुरुवार को सहायक चकबंदी अधिकारी के साथ ही कानूनगो, लेखपाल गांव के प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचे, जहां विवाद हल करने के लिए ग्रामीणों के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया। इस दौरान प्रस्ताव पारित किया गया कि चक के मालिक के न रहने पर उसका पुत्र भी मतदान में हिस्सा ले सकता है। इस बीच मूल काश्तकार की उपस्थिति में ही उसका पुत्र मतदान करने आ गया, जिसे दूसरे पक्ष के लोगों ने रोक दिया।
विवाद बढ़ने पर ग्रामीण ग्राम प्रधान के पति शिवशंकर सिंह से भिड़ गए। सूचना मिलने पर सिधारी थाने की पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। पुलिस ने प्रधान के पति और उसके पुत्र को प्राथमिक विद्यालय से घर तक पहुंचाया। सिधारी थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया कि चकबंदी को लेकर ग्राम प्रधान पति और ग्रामीणों के बीच मामूली विवाद होने की सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही दोनों पक्ष शांत हो गए।