अतरौलिया। राज्य निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव के लिए आरक्षण सूची जारी होते ही नगर पंचायत अतरौलिया में राजनैतिक सक्रियता काफी बढ़ गई है। शासन द्वारा किए गए उलट-फेर से नगर निकाय चुनाव का समीकरण बदल गया है। सामान्य महिला सीट होने से पुरुषों में निराशा है। वहीं, पत्नी को जिताने के लिए दांवपेंच शुरू हो गया है।
बता दें कि नगर पंचायत अतरौलिया की आबादी 11281 हैं, जबकि मतदाताओं की संख्या 7119 है। अतरौलिया नगर पंचायत अध्यक्ष पद 1995 में सामान्य पुरुष के लिए आरक्षित था। जिस पर उस समय रामचंदर जायसवाल ने कब्जा जमाया। इसके बाद नवंबर 2000 में संपन्न हुए चुनाव में यह सीट सामान्य जाति के पुरुष के लिए आरक्षित थी। जिस पर सपा के सुभाष चंद्र जायसवाल ने कब्जा किया। वर्ष 2005 में नगर पंचायत अतरौलिया अध्यक्ष पद सीट पिछड़ा वर्ग पुरुष के लिए आरक्षित रही, जिस पर दोबारा सुभाष चंद्र जायसवाल ने सपा के चुनाव चिन्ह से कब्जा जमा लिया। अबकी बार अध्यक्ष पद की सीट सामान्य महिला आरक्षित होने से सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने सशक्त प्रत्याशी की तलाश में जुट गई हैं। चट्टी चौराहों और चाय-पान की दुकानों पर आम लोगों में निवर्तमान अध्यक्ष और सदस्य पद के प्रत्याशियों के पिछले कार्यकाल पर माथापच्ची की जा रही है। महिला सीट होने से कई महिलाएं चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई हैं। महिलाएं अपने पतियों के सहारे अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रही है। नगर पंचायत चुनाव को लेकर गहमा-गहमी तेज हो गई है। भावी प्रत्याशी के प्रति मतदाताओं से सलामी बंदगी करना शुरू कर दिए हैं। नगर में दावतों का दौर शुरू हो गया है। अतरौलिया नगर पंचायत में इस बार का चुनाव बड़ा ही दिलचस्प माना जा रहा है।