तहबरपुर। बुधवार को तहबरपुर विकास खंड मुख्यालय पर प्रस्तावित सदस्यों की बैठक बीडीओ और प्रमुख पति के बीच हुई नोकझोंक के बाद स्थगित कर दी गई। विवाद से खंड विकास तहबरपुर परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस न हस्तक्षेप कर किसी तरह मामले को शांत कराया। इस दौरान बीडीओ ने प्रमुखपति पर बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। साथ ही इसकी शिकायत डीएम से किया। दूसरी तरफ प्रमुखपति ने बीडीओ पर मकान कब्जा करने का आरोप लगाया।
तहबरपुर विकास खंड के खंड विकास अधिकारी का आवास रखरखाव एवं सफाई के अभाव में बेकार पड़ा है। जिसके चलते बीडीओ तीन महिने से प्रमुख के आवास में रह रहें हैं। बुधवार को ब्लाक पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें प्रमुख एजेंडा पास होना था। बैठक में भाग लेने के लिए ब्लाक प्रमुख कमली सोनकर भी मौजूद थी। लेकिन बैठने के लिए कोई प्रमुख जगह न होने पर उन्होंने बीडीओ से अपना आवास खाली करने के लिए कहा। जिसका कुछ सदस्यों ने समर्थन भी किया। देखते ही देखते यह बात मुख्य मुद्दा बन गया। बाद में यह विवाद इतना तूल पकड़ लिया कि खंड विकास अधिकारी और ब्लाक प्रमुख के समर्थकों के बीच विवाद होने लगा। माहौल प्रतिकूल देख बीडीओ अपने कमरे में चले गए। जबकि प्रमुख समेत अन्य समर्थक बाहर ही डटे रहे। कमरे में जाने के साथ ही बीडीओ ने इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी। बताया कि उन्हे बंधक बनाया गया है। डीएम के निर्देश पर सीओ बूढ़नपुर के साथ थानाध्यक्ष तहबरपुर ब्लाक पर पहुंचे। भारी संख्या में पुलिस बल देख ब्लाक परिसर में मौजूद क्षेत्र पंचायत सदस्यों में हड़कंप मच गया। पुलिस पहुंचने के बाद बीडीओ जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। इस संबंध में तहबरपुर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि ब्लाक प्रमुख का कमरा न खाली करने पर विवाद शुरू हुआ। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि बीडीओ अपने कमरे में मौजूद हैं। उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया था। बीडीओ के कहने पर उन्हे सुरक्षित जिला मुख्यालय भेज दिया गया है।