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गांवों में उठी आवाज... रोड नहीं तो वोट नहीं

Sat, 15 Mar 2014 05:30 AM IST
Azamgarh
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आजमगढ़। लोकसभा का चुनाव आते ही मूलभूत सुविधाओं से अछूते गांवों में वोटरों के तेवर तीखे होने लगे हैं। जगह-जगह रोड नहीं, तो वोट नहीं के स्वर गूंजने लगे हैं। लोग बैनर लहरा कर जनप्रतिनिधियों का विरोध करने शुरू कर चुके हैं। दुराजपुर और अराजी देवारा नैनीजार गांव में ऐसा ही नजारा दिख रहा है।
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बूढनपुर संवाददाता : कोयलसा ब्लाक के दुराजपुर गांव के लोगों ने गांव के बाहर रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि दलित बस्ती में जाने का रास्ता नहीं है। पगडंडी से होकर गुजरना पड़ता है। जब तक सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं होता वे लोग मतदान बहिष्कार करेंगे। रामअजोर का कहना है कि घरों के नाबदान का पानी निकलने के लिए आज तक नाली का निर्माण नहीं किया गया। दयाराम का कहना है कि सालों से गांव में रोड निर्माण की मांग की जा रही है, मगर जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। राजेंद्र प्रसाद भारती ने कहा कि प्रधान से लेकर सांसद तक को गांव की बुनियादी समस्याएं दूर करने के लिए कई बार प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन कहीं से भी सुनवाई नहीं हुई।
लाटघाट संवाददाता के अनुसार सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के हरैया ब्लाक के अराजी देवारा नैनीजार नई बस्ती के ग्रामीणों ने शुक्रवार को बैठक कर ‘काम नहीं, तो वोट नहीं’ का निर्णय लिया। बैठक में करीमचंद यादव, गिरजाशंकर, रामकेश, रामप्रवेश, छेदी यादव, जगलाल, कपिलदेव यादव, मारकंडे यादव, लालबिहारी यादव आदि ने मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि नई बस्ती के लोग पिछले 40 साल से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जब भी चुनाव आता है, तो सभी दल के नेता लॉलीपॉप देकर चले जाते हैं। अब तक गांव में बिजली, संपर्क मार्ग, नाली आदि नहीं है।
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