आजमगढ़। राज्यपाल के आदेश पर शिब्ली कालेज में वित्तीय अनियमिताओं की जांच के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम मंगलवार को कालेज पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही कालेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। टीम के प्रभारी ने मिले आठ बिंदुओं की शिकायत पर अभिलेखीय साक्ष्य एकत्र कर लिया। टीम प्रभारी ने बताया कि वे रिपोर्ट कुलपति को सौपेंगे।
जांच में जौनपुर विश्वविद्यालय से आए डा. आरके यादव ने बताया कि दी मुसलिम एजुकेशन सोसाइटी के सदस्य रेहान रशीद ने बीते 7 जुलाई 2013 को राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजा था। इसमें आरोप लगाया गया है कि संस्था से संचालित शिब्ली डिग्री कालेज के वर्तमान प्रबंधन ने महाविद्यालय में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की है। कालेज के प्रबंधक एमएम बेग पर छात्रों का फर्जी एडमीशन कर धन जुटाने व उसे गबन कर जाने का आरोप लगाया गया है। बताते चले कि रेहान के पत्र पर राज्यपाल ने कुलपति वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को जांच कराने का आदेश दिया। कुलपति ने इसकी जांच डा. आरके यादव को सौंपी। यह टीम बुधवार को पूर्वाह्न 11बजे के करीब शिब्ली कालेज पहुंची। बिना सूचना के जांच टीम के पहुंचने से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। लेकिन बाद में टीम के मांगने पर महाविद्यालय प्रशासन ने जांच से संबंधित सारे रिकार्ड उपलब्ध करा दिए। डा. आरके यादव ने बताया कि वे जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपेंगे। प्रबंधक शिब्ली कालेज एमएम बेग ने बताया कि पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। संस्था का चुनाव निकट है, इसी क े चलते इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। ये आरोप मिथ्या और निराधार है। वित्तीय अधिकार, दाखिला, फीस संकलन सहित अन्य सारे पावर प्राचार्य के पास होते हैं।