आजमगढ़। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू और उनके समर्थक भरत राय की हत्या में नामजद आरोपियों में संग्राम सिंह को कानपुर से लाने के लिए सीजेएम कोर्ट ने शुक्रवार को वारंट-बी का आदेश जारी किया। संग्राम को गुरुवार को आरपीएफ कानपुर ने नाटकीय तरीके से गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश पर संग्राम को कानपुर से लाने के लिए पुलिस जाएगी।
संग्राम को कानपुर आरपीएफ के गिरफ्तार करने की सूचना उसके अधिवक्ता ने गुरुवार की शाम कोर्ट को दी। इसके बाद जिला पुलिस को इसकी जानकारी हुई। पूर्व विधायक हत्याकांड मामले की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर आशीष मिश्रा ने इस संबंध में शुक्रवार को सीजीएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। जिसमें संग्राम को कानपुर से आजमगढ़ लाने के लिए वारंट-बी जारी करने की प्रार्थना की। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विपिन कुमार ने वारंट-बी का आदेश जारी किया।
गौरतलब है कि 19 जुलाई 2013 को जीयनपुर बाजार में बदमाशों ने पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू और उनके सार्थक भरत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पूर्व विधायक की हत्या से आक्रोशित उनके समर्थक सड़क पर आ गए। पुलिस और समर्थकों में जमकर टकराव हुआ। पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें तीन लोग मारे गए। घटना के संबंध सीपू के बड़े भाई संतोष सिंह टीपू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें छपरा सुल्तानपुर गांव निवासी और जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, जीयनपुर कोतवाली के प्रभारी विजय सिंह, संग्राम सिंह सहित छह लोग नामजद कराया गया।
पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने कहाकि संग्राम सिंह सुनियोजित तरीके से गिरफ्तार हुआ है, कोर्ट से आदेश मिलने के बाद उसे कानपुर से लाने के लिए पुलिस की टीम भेजी जाएगी।