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शौचालय निर्माण में 96 हजार हजार का घोटाला

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विकास खंड लालगंज के रेवसा गांव में शौचालय निर्माण में हुए घोटाला का मामला जांच में उजागर होने पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के अंदर उत्तर देने का आदेश दिया गया। गांव निवासी एक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेकर डीएम ने सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता आजमगढ़ से मामले की जांच कराई थी।
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लालगंज ब्लाक के रेवसा गांव निवासी धर्मराज तिवारी ने बीते दिनों जिलाधिकारी से मिलकर गांव में हुए शौचालय निर्माण में गोलमाल की शिकायत की, इसमें पूर्व प्रधान मुखराम यादव की संलिप्ता बताई। शिकायत को गंभीरता से लेकर डीएम ने इस मामले की जांच का आदेश सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता आजमगढ़ को दिया। जांच में पूर्व प्रधान के साथ-साथ तत्कालीन सचिव यशवंत कुमार की संलिप्ता से शौचालय निर्माण में गोलमाल किया जाना पाया गया।
डीपीआरओ लालजी दुबे ने बताया कि जांच आख्या के अनुसार गुलबदन, शकला, नन्हें, इम्तेयाज और शांति के पास पुराने शौचालय थे, इन शौचालयों के नाम पर 60 हजार रुपया निकाला गया। इसके अलावा पूर्व प्रधान के पुत्र कैलाश, ओमप्रकाश और श्रीप्रकाश को भी शौचालय की धनराशि दी गई, जबकि ये पात्रता की श्रेणी में नहीं आते। जांच में पाया गया कि पूर्व प्रधान और सचिव ने मिली भगत कर तीन शौचालयों के नाम पर 36 हजार रुपये की अनियमितता की है। इस तरह से रेवसा गांव में शौचालय निर्माण में पूर्व प्रधान और सचिव की मिली भगत से शौचालय निर्माण के नाम पर 96 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागिर हुई। इस आधार पर पूर्व प्रधान को जिला पंचायती राज अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हे 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। डीपीआरओ लाल जी दुबे ने बताया कि यदि प्रधान ने समय से नोटिस का उत्तर नहीं दिया तो उनसे गबन की गई धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
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