आजमगढ़। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले हड़ताल पर चले गए थे। कर्मचारी-शिक्षकों के हड़ताल के चलते सारे प्रशासनिक कवायद ठप पड़ गए थे। गुरुवार को कोर्ट द्वारा हड़ताल को अवैध घोषित किए जाने के बाद आंदोलित शिक्षको-कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली और शुक्रवार को नियमानुसार ड्यूटी किया।
कर्मचारी, शिक्षकों व अधिकारियों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार अपने बजट में पुरानी पेंशन योजना की बहाली कर सकता है। लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद कर्मचारियों को प्रदेश सरकार के बजट से उम्मीद थी लेकिन उसमें भी ऐसा कुछ न मिलने पर बुधवार से पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले हड़ताल की शुरूआत कर दी गई थी। कर्मचारियों व शिक्षकों के हड़ताल के चलते सारी प्रशासनिक कवायद ठप पड़ गई थी। सरकारी कार्यालयों से लेकर विद्यालयों में सारी कवायद रुक गई थी। जिलाधिकारी ने गुरुवार को हड़ताल पर गए शिक्षक, कर्मचारी संगठनों से हड़ताल वापस लेने की अपील किया था। इसके साथ ही एस्मा लगाये जाने की चेतावनी भी दी थी। इस बीच हाईकोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका पर हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया गया। कोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को कर्मचारी, शिक्षकों ने अपने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया और कार्यस्थलों पर पहुंच कर ड्यूटी किया। संगठन के अध्यक्ष रवींद्र कुमार श्रीवास्तव व संयोजक अभिमन्यु यादव ने कहा कि कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए कर्मचारी-शिक्षकों ने हड़ताल स्थगित कर दी है। वहीं श्री दुर्गा जी पीजी कालेज चंडेश्वर के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भी प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल स्थगित किए जाने की घोषणा किया।