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21 से घर-घर जाकर खोजे जाएंगे टीबी के मरीज

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आजमगढ़। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे टीबी सक्रिय खोज अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह अभियान 21 जनवरी से प्रारंभ होकर एक फरवरी तक चलाया जाएगा। अभियान में निर्धारित की गई टीमें घर-घर भ्रमण के दौरान टीबी के मरीजों को खोजने का काम करेंगी। जांच के लिए उनके बलगम को एकत्रित करेंगी। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. परवेज अख्तर ने बताया कि इस अभियान की सफलता के लिए जनपद में पांच लाख की जनसंख्या पर 200 टीमें गठित की गई हैं। अभियान जनपद के 11 ब्लॉकों में चलाया जाना है। प्रति पांच टीमों पर एक सुपरवाइजर अर्थात 40 सुपरवाइजर को तैनात किया गया है। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य शामिल होंगे। जनपद के 11 ब्लॉकों तहबरपुर, रानी की सराय, पवई, मार्टिनगंज, जहानागंज, अजमतगढ़, महाराजगंज, ठेकमा, अतरौलिया, पलहनी, मेंहनगर में अभियान चलाया जाएगा।
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टीबी के लक्षण
दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी का आना।
खांसी के साथ बलगम का आना, बुखार आना (विशेष रूप से शाम को बढ़ने वाला)।
वजन का घटना, भूख कम लगना, सीने में दर्द, बलगम के साथ खून आना आदि।

इसका रखें ख्याल
टीबी के मरीजों को खांसते और छींकते समय नाक और मुंह को कपड़े से ढंककर रखना चाहिए।
टीबी के इलाज के लिए सही दवा, निश्चित मात्रा में, निश्चित समय पर और पूरी अवधि तक खिलाई जाए।
इलाज बीच में छोड़ने से टीबी की दवाइयों का असर ख़त्म हो जाता है और दोबारा से बढ़ने का खतरा भी हो सकता है।
जिले के सभी सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों के चिकित्सालयों में टीबी की जांच और इलाज की सुविधा नि:शुल्क है।
मरीज की सुविधा के लिए उनके निवास के नजदीक ही डॉट्स केंद्र बनाए गए हैं।
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