आजमगढ़। निलंबन के बाद सेक्रेटरी की पत्नी परियोजना निदेशक पर पति के साथ मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप लगाते हुए एससी-एसटी आयोग में शिकायत की थी। सीडीओ ने मामले की जांच पुलिस से कराने की संस्तुति कर फाइल जिलाधिकारी को भेज दी थी। डीएम ने फाइल लौटाते हुए सीडीओ को मामले में पुन: जांच के आदेश दिए हैं। सीडीओ ने सभी पक्षों को पत्र भेजकर अतिरिक्त साक्ष्य उपलब्ध कराने और बीडीओ की पात्रता की जांच के निर्देश दिए हैं। बिलरियागंज ब्लाक के बिंदवल में तैनात सेक्रेटरी उमाशंकर गौतम को परियोजना निदेशक डीआरडीए की प्रधानमंत्री आवास योजना में एक अपात्र का चयन करने की रिपोर्ट पर अगस्त माह में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उमाशंकर गौतम की पत्नी सविता ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत की थी कि आठ अगस्त को परियोजना निदेशक शाम चार बजे गांव पहुंचे थे। आरोप लगाया कि उसके पति से रिश्वत की मांग की और जातिसूचक शब्दों के साथ धमकी दी। नौ अगस्त को कार्यालय बुलाया और मारपीट की। आयोग ने मामले की जांच के आदेश डीएम और एसपी को दिए थे। डीएम ने जांच सीडीओ को सौंपी थी। पिछले दिनों मुख्य विकास अधिकारी ने दोनों पक्षों और गवाहों आदि के बयान दर्ज किए। बयानों में घटना की तारीख को लेकर भी भिन्नता सामने आई। इस पर सीडीओ ने मामले की जांच पुलिस से कराने की संस्तुति कर फाइल डीएम को भेज दी थी। डीएम ने फाइल वापस कर सीडीओ को दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद सीडीओ ने सभी पक्षकारों को पत्र भेजकर अतिरिक्त साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीडीओ को निर्देश दिया है कि उस व्यक्ति का पात्रता की जांच करें जिसे आवास देने पर सेक्रेटरी को निलंबित किया गया था।
डीएम की ओर से दोबारा जांच के लिए फाइल वापस की गई है। सभी पक्षों को नोटिस जारी की जा रही है कि उनके पास कोई अतिरिक्त साक्ष्य है तो उपलब्ध कराएं। साथ ही बीडीयो को पात्रता की जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
कमलेश कुमार सिंह, सीडीओ