लालगंज। स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी का सरकार का दावा पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है। कहीं डॉक्टरों की कमी तो कहीं दवाओं की किल्लत से मरीज परेशान है। सब कुछ जानते हुए भी स्वास्थ्य महकमा व्यवस्था में सुधार की कोई कवायद नहीं कर रहे है। जिससे प्राइवेट व झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का जम कर शोषण कर रहे है। सीएचसी टीकरगाढ़ लालगंज की स्थिति यह है कि यहां कई रोगों के डॉक्टर ही नहीं मौजूद है तो वहीं रेडियोलाजिस्ट आदि की तैनाती न होने से मशीन रहने के बाद भी सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है।
सरकारी अस्पतालों पर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या की बात की जाए तो जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय अस्पताल के बाद सर्वाधिक मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीकरगाढ़ लालगंज पर ही आते है। इसके बाद भी इस अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। फीजिशियन, सर्जन, एनेस्थेटिक, डेंटल के डॉक्टरों की तैनाती न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं रेडियोलॉजिस्ट का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है, जिसके चलते अस्पताल पर एक्स-रे आदि की मशीने होने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी अस्पताल पर सुविधाएं न मिलने से मजबूरी में मरीज प्राइवेट अस्पतालों पर पहुंच रहे है, जहां इनका शोषण हो रहा है। अस्पताल पर डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी के चलते ही व्यवस्था चरमराई हुई है। मानक के अनुरूप सीएचसी पर 26 स्टाफ नर्स की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन मात्र 19 नर्स ही काम कर रही है। लैब टेक्रीशियन के दो पदों में एक रिक्त पड़ा हुआ है। आंख व दांत के डॉक्टर भी अस्पताल पर नहीं तैनात है। क्षेत्र के लोगों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आवश्यकता के अनुरूप डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के तैनाती की मांग की है, ताकि उन्हें सरकारी अस्पताल पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
कुछ बीमारियों के डॉक्टर सीएचसी पर नहीं तैनात है। जिसके लिए हर माह विभाग को पत्र लिखा जाता है। अभी जल्द ही सीएमओ को पत्र भेज कर डॉक्टर, नर्स, रेडियोलॉजिस्ट आदि की तैनाती किए जाने की मांग की गई है। वर्तमान में जितने भी डॉक्टर तैनात है, वे सभी मरीजों की देखरेख में जुटे हुए है। मनोज कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, टीकरगाढ़ लालगंज, आजमगढ़।