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न होलिका दहन करेंगे, ना ही त्यौहार मनाएंगे

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न होलिका दहन करेंगे, ना ही त्यौहार मनाएंगे
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प्रशासन के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने लिया निर्णय
काफी प्रयास के बाद भी नहीं सुलझा भूमि विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रेतवा चंद्रभानपुर में बीते लगभग 15 दिन से चल रहा होलिका दहन की जमीन और ग्राम समाज की जमीन का विवाद अब तक नहीं सुलझ सका। जबकि सीआरओ के नेतृत्व में एसडीएम लालगंज, एसडीएम फूलपुर सहित अन्य राजस्वकर्मी कई बार पैमाइश कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी अपने स्तर से पैमाइश करवाना चाह रहे, जबकि ग्रामीण सरहद से जमीन की पैमाइश कराने पर अड़े हुए हैं। विवाद न सुलझने पर गांव के लोग प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए ना तो होलिका दहन और ना ही होली का त्यौहार मनाने का निर्णय लिया है।
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रेतवा चंद्रभानपुर गांव के दीपक पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, राजनाथ चौहान, जवाहर चौहान, हीरालाल, राधे, मनोज चौहान, रमेश चौहान, शिवा चौहान आदि ने बताया कि होलिका दहन हेतु आराजी संख्या 1312 रकबा 38 एयर आरक्षित है। इसके पूरब तरफ सटे गांव की बंजर जमीन आराजी संख्या 1308,1309 व 1310 है। जिसे राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से कुछ ने अपने नाम करा लिया गया। इस संबंध में कई अदालतों में वाद दाखिल हैे। होलिका की जमीन के संबंध में वर्ष 2014 में विवाद हुआ तो क्षेत्रीय स्तर पर पहल करने पर जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन ने टीम गठित कर होलिका की जमीन का विवाद हल करा दिया। निर्धारित स्थल पर होलिका ग्रामवासियों द्वारा जलाई जाती रही है। वर्तमान एसडीएम लालगंज अभय कुमार मिश्रा ने जाल फरेब करने वाले उपरोक्त भूमिधर के साजिश व प्रभाव में नाजायज लाभ लेकर होलिका कि उक्त जमीन 2014 की सीमांकित भूमि को बदलते हुए लगभग 30 फुट पश्चिम खिसकाते हुए 5 फीट ऊंची बाउंड्री बनवाकर विपक्षीगणों को मजबूती प्रदान किया गया। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। मौजूद पुलिस अधिकारियों की धौंस दिखाते हुए मुकदमे में फंसाने की धमकी दिया। साथ ही गांव के 16 लोगों सहित 50 अन्य लोगों पर विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। निर्धारित स्थल पर रखी गई होलिका को विपक्षियों द्वारा पोखरी में फेंकवा दिया गया। ग्राम वासियों द्वारा विरोध करने एसडीएम और मौजूद पुलिस गांव वालों को और मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। जिससे गांव के लोग भयभीत हैं। इसी भय के चलते लोगों ने ना तो होलिका जलाने और ना ही होली का त्यौहार मनाने का निर्णय लिया है। गांव के लोगों ने अपने इस निर्णय की प्रति मुख्यमंत्री, गृह सचिव, मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम और एसपी को भेजी है।
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