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उन्नति प्रजाति के बीजों के प्रयोग से बढ़ेगी उत्पादकता

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आजमगढ़। किसान पाठशाला कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को पल्हनी विकास खंड के हुसेनगंज प्राथमिक विद्यालय में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने की जानकारी दी।
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उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य ने कहा कि उन्नत प्रजातियों के शुद्घ बीज का चयन करने से 15 से 20 प्रतिषत उत्पादकता में वृद्वि होती है। इसलिए किसान भाई विश्वसनीय और अधिकृत संस्था या विक्रेता से कृषि निवेष क्रय करें। केश मेमो या बिल अवश्य प्राप्त करें। रासायनिक उर्वरक संतुलित मात्रा और मृदा स्वास्थ कार्ड में संस्तुति के अनुसार करें। इसी प्रकार फसल सुरक्षा के लिए एकीकृत नासीजीव प्रबंधन को अपनाते हुए आवश्यकतानुसार रसायनों का प्रयोग करें। पेस्टीसाइड्स के पैकिंग पर लाल रंग के निशान से इस बात की जानकारी होती है कि यह रसायन गंभीर विषयुक्त है जिसके प्रयोग में अत्यंत सावधानी की आवश्यकता है। इसी प्रकार नीला रंग, पीला रंग और हरा रंग क्रमश: जहरीले, कम जहरीले और सुरक्षित रसायनों के लक्षण को दर्शाते हैं। कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उन्नतशील सभी प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिषत तक अनुदान अनुमन्य है। इच्छुक कृषक आन लाइन पंजीयन कराते हुए इसकी मांग कर सकते हैं। कस्टम हायरिंग और फार्म मशीनरी बैंकों की स्थापना पर अनुमन्य अनुदान 40 और 80 प्रतिषत है। किसानों को बताया कि पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग है। जिससे न केवल दुग्ध उत्पादन प्राप्त होते हैं बल्कि उनके गोबर, मूत्र और अन्य अवशेषों का कृषि में प्रयोग कर लाभ पत्र और गुणवत्ता पूर्ण फसल को प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर ग्राम प्रधान सुनील तिवारी, रमाशंकर यादव, कैलाश नाथ यादव, प्रदीप राजभर, विनोद पाठक, दूधनाथ आदि उपस्थित थे।
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