आजमगढ़। प्रदेश सरकार की फसल ऋण मोचन योजना के तहत पहले चरण में 14 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। इनका लगभग 90 करोड़ का ऋण माफ होने की संभावना है। जिला स्तर पर सूची को लॉक कर दिया गया है। अब इस पर प्रदेश स्तर से कार्रवाई होगी।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले सरकार गठन के बाद कैबिनेट की पहली मीटिंग में किसानों का कर्जमाफ करने की घोषणा की थी। इस पर अमल करते हुए अप्रैल माह में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से 86 लाख किसानों का 31 मार्च 2016 तक के कर्ज को माफ करने की बात कही गई थी। सरकार ने लगभग 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने की घोषणा हुई थी। इसमें ऐसे किसानों को लिया गया जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत अधिकतम एक लाख रुपये तक का कर्ज था। घोषणा के बाद काफी समय तक योजना से संबंधित कोई जीओ जारी नहीं होने के कारण किसान और अधिकारी दोनों ही असमंजस की स्थिति में रहे। अब किसानों को चिह्नित करने और उनके खातों को आधार से लिंक करने की कवायद की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि पहले चरण में लगभग 14 हजार किसानों की सूची फाइनल कर दी गई है। इन पर लगभग 90 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनकी सारी सूचनाएं आनलाइन अपलोड कर दी गई है। लखनऊ से सूची को लॉक करने के बाद इनके कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सीडीओ ने बताया कि योजना के तहत लगभग 80 हजार किसान इसके दायरे में आ रहे हैं। शेष किसानों की फाइलों की जांच की जा रही है। जल्द ही अगली सूची भी फाइनल कर ली जाएगी।