आजमगढ़। मार्केंटिंग गोदाम के निरीक्षण के दौरान डिप्टी आरएमओ और जिला पूर्ति अधिकारी के बीच हुई गर्मागर्म बहस के मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को नामित किया है। वहीं शुक्रवार को एसडीएम ने गोदाम का सील खोलकर जांच की जांच में कोई विशेष गड़बड़ी नहीं मिली।
बताते चलें कि जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा शुक्रवार की दोपहर जहानागंज स्थित मार्केटिंग के गोदाम का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उनके अनुसार जिस समय वह पहुंचे गोदाम बंद मिला वहां के इंचार्ज मौके से गायब थे। इस बात को लेकर जब उन्होंने डिप्टी आरएमओ को फोन किया तो वह भड़क गए। दोनों कर्मचारियों के बीच काफी गर्मागर्म बहस हुई। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे को गालियां भी दी। मामला डीएम के पास पहुंचा। दोनों अधिकारी एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। अंत में गोदाम को डीएसओ द्वारा सील कर दिया गया। शनिवार को एसडीएम सदर दल बल के साथ गोदाम पर पहुंचे। उन्होंने सील को खुलवाकर पूरे गोदाम की जांच की। हालांकि गोदाम में कोई विशेष गड़बड़ी नहीं पाई गई। लेकिन अधिकारियों का यह बर्ताव पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय मना रहे। लोग चटखारे ले-लेकर एक बात को बयां कर रहे थे।
एसडीएम सदर को जांच के लिए गोदाम पर भेजा गया था। जांच के दौरान विशेष गड़बड़ी नहीं मिली सिर्फ 18 बोरी लूज अनाज मिला। रही बात अधिकारियों के विवाद की तो इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई है। - चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी।