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Azamgarh News: 2022 से 2026 तक निकाले 89 टेंडर, एक भी पूरा नहीं

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नगर पंचायत जीयनपुर में 2022 से लेकर 2026 तक कुल 89 टेंडर ऑनलाइन निकाले गए। लेकिन इनमें से आज तक एक भी टेंडर अपने अंजाम तक नहीं पहुंचा। कोई तकनीकी बिड में तो कोई वित्तीय बिड में फंसा है।
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अगर खुला भी तो नगर पंचायत ने उसे पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। जबकि नए नियमों के अनुसार टेंडर को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
शासन की ओर से पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सबकुछ ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। कोई भी टेंडर हो, उसे भरने की तिथि कब तक है और वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है, यह सब ई-टेंडर पोर्टल पर अपलोड करना है।
वहीं अगर ई-टेंडर पोर्टल पर जीयनपुर नगर पंचायत की स्थिति देखें तो यहां 2022 से लेकर 2026 तक 89 टेंडर निकाले गए। लेकिन, सबसे बड़ी बात तो यह है कि इनमें एक भी टेंडर अंजाम तक नहीं पहुंचा।
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कोई टेंडर तकनीकी बिड में फंसा है तो कोई वित्तीय बिड में फंसकर रह गया है। इन 89 में मात्र एक टेंडर ऐसा है, जो रद्द किया गया है। बाकी के बारे में कोई जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं है।
अब यह टेंडर खुले, उनसे कार्य हुआ कि नहीं, या टेंडर तो खुल गया, लेकिन उसे पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। टेंडर न खुलने से नगर निकाय में विकास के कार्य अधूरे पड़े हैं।
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2018 में ही शासन ने दिया था अंतरिम सूचना अपलोड करने का निर्देश
शासन की ओर से 2018 में ई-टेंडरिंग पोर्टल की समीक्षा की गई थी। इसमें पाया गया था कि बहुत से विभाग ई-टेंडरिंग पोर्टल पर टेंडर के संबंध में पूरी जानकारी अपलोड नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में शासन की ओर से प्रदेश के सभी डीएम को यह निर्देश दिया गया था कि वह निर्देशित करें कि ऑनलाइन पोर्टल पर टेंडर की अंतरिम सूचना को दर्ज करें।

इसका उद्देश्य था कि निर्माण कार्यों, सेवाओं और सामग्री की खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
दस लाख रुपये से अधिक की सभी निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से ही आमंत्रित की जाएंगी
निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल निविदादाता को जारी किए गए कार्यादेश की प्रतिलिपि ई-टेंडर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
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इन टेंडरों के बारे में सूचनाएं अधूरी
वार्ड नंबर दो में डोना के मकान से चंगापुर त्रिमुहानी तक नाला निर्माण: लागत 3352080 रुपये- कार्यादेश जारी नहीं।
वार्ड नंबर एक में सोनी के मकान से समरू के मकान तक इंटरलाकिंग रोड का कार्य: लागत 181765 रुपये- कार्यादेश जारी नहीं।
वार्ड नंबर सात बच्चू मास्टर के घर से सालिम के मकान होते हुए दुर्गेश पंडित के घर तक सीसी रोड का निर्माण: 1134876 रुपये- कार्यादेश जारी नहीं।
वार्ड नंबर चार में मुन्ना के मकान से सचिव के मकान तक नाली निर्माण: लागत 374570 रुपये- वित्तीय बिड में फंसी।
मुहल्ला बाजार खास में ज्ञानेंद्र मिश्रा के मकान से राजा सोनकर के मकान तक सीसी रोड और नाली निर्माण: 1234195 रुपये- तकनीकी मूल्यांकन में फंसी।
वार्ड नंबर चार में हसमतअली के मकान से एकराम के मकान तक नाली निर्माण: लागत 526883 रुपये- कार्यादेश जारी नहीं।
मुहल्ला हसनपट्टी में छांगुर के मकान से डीह बाबा मंदिर तक सीसी रोड, नाली व आरसीसी पटिया: लागत 1224079 रुपये- कार्यादेश जारी नहीं।
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ई निविदा के मूल्यांकन चार्ट की जगह अपलोड किया कमेटी का नाम
इस तरह से अगर देखें तो कुल 89 ई-निविदाओं में कोई भी निविदा अब तक जीयनपुर नगर पंचायत में अंजाम तक नहीं पहुंच सकी है। वहीं इतना ही नहीं, पोर्टल पर नगर पंचायत कर्मियों ने निविदा के मूल्यांकन चार्ट को अपलोड करने की बजाय ई-निविदा कमेटी की सूची को अपलोड किया है।
00वर्जन
अगर आपके पास कोई सूची है तो आप हमें भेज दें। हम उसे दिखवा लेते हैं कि क्या समस्या है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में ई-निविदा अपने अंजाम तक क्यों नहीं पहुंची। इसके बाद ही मैं आपको कुछ बताता हूं। -संजय कुमार जैसवार, ईओ जीयनपुर नगर पंचायत।
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