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Azamgarh News: 827 ने नहीं किया संशोधन, खारिज की श्रेणी में ही रह गईं शिया वक्फ बोर्ड संपत्तियां

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आजमगढ़। शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से उम्मीद पोर्टल पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियों को तकनीकी खामियों के कारण खारिज कर दिया गया था। बोर्ड ने तकनीकी खामियों को दुरुस्त करने के लिए छह जून का समय दिया था। इस समय सीमा में 145 संपत्तियों की तकनीकी खामियों को दुरुस्त करके फिर से अपलोड किया गया। शेष 827 संपत्तियों की तकनीकी खामियों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 लागू करने के बाद सभी वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया था। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद वक्फ ट्रिब्यूनल को समय बढ़ाने का अधिकार मिला। इसके तहत उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अवधि बढ़ाकर 6 जून कर दी थी। इस कारण अभी भी पंजीकरण और संशोधन की प्रक्रिया जारी थी। शनिवार को समय सीमा बीत गई। जिन अभिलेखों को गड़बड़ियों के कारण खारिज किया गया था।
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उनमें से मात्र 145 संपत्तियों के अभिलेखों को फिर से दुरुस्त करके सबमिट किया गया। शेष 827 संपत्तियां अभी तक खारिज की श्रेणी में ही हैं। बता दें कि शासन के निर्देश पर जिले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की कुल 3328 संपत्तियों और शिया वक्फ बोर्ड की कुल 379 संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किया गया था। पहले सुन्नी वक्फ और शिया वक्फ द्वारा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज संपत्तियों की 15 अप्रैल तक जांच की गई। जांच में जिले की 972 संपत्तियां निरस्त कर दी गईं थी। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड की 822 और शिया वक्फ बोर्ड की 150 संपत्तियां शामिल थी।
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