बिंद्रा बाजार। ताल-पोखरों व ग्राम समाज की भूमि पर हुए अवैध कब्जे के खिलाफ शासन के निर्देश पर इन दिनों तेजी से कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में तहसील मेंहनगर के गंभीरपुर थाना अंतर्गत रानीपुर रजमों गांव में पोखरी पर अवैध कब्जा करने वालों पर भी कार्रवाई की नोटिस जारी हो गई है।
रानीपुर रजमो गांव स्थित जेहुआ पोखरी पर काफी दिनों से अवैध कब्जा है। शासन से ग्राम समाज की भूमि, ताल व पोखरे की जमीन से अवैध कब्जा हटाये जाने का फरमान आने के बाद सक्रिय हुए तहसील प्रशासन के समक्ष इस पोखरी पर हुए कब्जे की भी शिकायत पहुंची। जांच में शिकायत पुष्ट पाये जाने पर तहसीलदार मेंहनगर प्रेम कुमार ने पोखरी की जमीन पर अवैध रुप से कब्जा करने वाले 35 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर दी। नोटिस में 14 फरवरी तक पोखरी की जमीन से अवैध कब्जा हटा लेने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। गांव के प्रेम सिंह, अशोक सिंह, दिनेश सिंह, नूर मोहम्मद, निसार अहमद, अबुल कैस, अजीज, पन्ना मिश्रा आदि का कहना है कि वे वर्षो से उक्त स्थान पर मकान बना कर रह रहे है। तहसील प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के तहत 14 फरवरी तक वे कैसे कब्जा हटा पाएंगे। इसके साथ ही उक्त मकान के अलावा उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है। गांव में पहुंच कर नोटिस वितरित करने वाली राजस्व टीम में नायब तहसीलदार मिट्ठू राम, चकबंदी कानूनगो राम आसरे सिंह, कानूनगो ज्ञानेंद्र लाल श्रीवास्तव, लेखपाल सुरेश चौहान, मनीष कुमार, दिलीप कुमार, अच्छेलाल, सुदर्शन यादव आदि शामिल रहे।
फर्जी इंद्राज मामले तो लेकर जिलाधिकारी गंभीर
आजमगढ़। सरकारी जमीनों पर फर्जी इंद्राज के सहारे कब्जा जमाकर बैठे लोगों के प्रति जिलाधिकारी काफी गंभीर हो गए है। उन्होंने अपनी न्यायालय से लगभग दो दर्जन से अधिक मामलों का निस्तारण किया। लेकिन उनमें अभी तक कार्रवाई न होने की जानकारी पर उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन के अंदर पर अपने आदेशों पर अमल कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर और जमीन से कब्जे को खाली कराकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
शासन के निर्देश के बाद जनपद में बड़े पैमाने पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स, श्रीवस्ती माडल की टीम द्वारा सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी न्यायालय से लगभग 25 मामले निस्तारित हो चुके हैं। लगभग सभी मामलों में जिलाधिकारी ने लाभार्थियों और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और कब्जा की भूमि को पुराने रूप में लाने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने उक्त भूमि को ग्राम सभा के खाते में दर्ज कर अमल दरामद कराने का भी निर्देश दिया है। लेकिन अब तक इस मामले में कार्रवाई में तेजी नहीं देखने को मिल रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया है कि वह उनके आदेशों का पालन करते हुए 15 दिन के दिन के अंदर कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।