आजमगढ़। नगर निकाय चुनाव में मतदान के लिए तीन दिन का समय शेष है। सभी प्रत्याशियों के संकल्प पत्र आ चुके हैं। इसके बाद भी बहुत से ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें राजनीतिक पार्टियों ने अपना मुद्दा नहीं बनाया है। इन मुद्दों को निर्दल उम्मीदवारों ने उठा लिया है।
रोडवेज की समस्या
सपा सरकार में पुराने रोडवेज को तोड़कर नए रोडवेज का निर्माण कर दिया गया लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया। जिसके कारण आज भी बसें सड़कों के किनारे लगती है। क्षेत्र में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। गाड़ियों के प्रेशर हार्न की तेज आवाज के कारण अगल-बगल के लोगों का रातों को सोना दूभर हो गया है। नगर क्षेत्र की समस्या होने के बाद भी किसी राजनीतिक या निर्दल प्रत्याशी ने इसे अपना मुद्दा नहीं बनाया कि वह नगर को इससे निजात दिलाएगा।
पार्क की समस्या
नगर क्षेत्र में कोई भी ऐसा पार्क नहीं है जहां आदमी बैठकर फुर्सत के दो पल बिता सके। पुराने मंडल कारागार की जमीन पर पार्क बनाने का प्रस्ताव गया था लेकिन किन्हीं कारणों से यह खटाई में पड़ गया। लोगों की सुविधा के लिए होने वाले पार्क के निर्माण की ओर किसी पार्टी प्रत्याशी द्वारा मुद्दा नहीं बनाया गया है। लेकिन एक निर्दल उम्मीदवार द्वारा इसे अपना मुद्दा बनाया गया है।
सीवरेज की समस्या
नगर में सीवरेज की समस्या सबसे पुरानी है। नगर के कई मुहल्ले ऐसे हैं जहां बरसात का पानी लोगों के घरों में घुसने लगता है। ऐसे मुहल्लों की समस्या का समाधान सीवरेज के माध्यम से ही हो सकता है। हालांकि नगर में कुछ स्थानों पर पाइप बिछाई गई है लेकिन अब तक किसी घर को इससे जोड़ा नहीं गया है। लेकिन इस तरफ भी किसी प्रत्याशी द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है। जबकि यह बहुत ही गंभीर समस्या है।
सूअर और बंदरों की समस्या
नगर की जनता सूअरों और बंदरों के आतंक से पूरी तरह से त्रस्त है। सूअर पूरे दिन लोगों के घरों के आसपास घूमते रहते हैं। बंदरों का आतंक इतना है कि लोग अपने घरों को जाली बनाकर घेरने के लिए मजबूर हैं। किसी को काट लेना इनके लिए आम बात है। लेकिन इन समस्याओं की ओर किसी प्रत्याशी का ध्यान नहीं है। जबकि आज इससे शहर की आधी से अधिक आबादी प्रभावित है।