आजमगढ़। छोटे-छोटे मामलों को लेकर अक्सर लोग जिलाधिकारी के यहां शिकायत लेकर पहुंचते रहते हैं। अगर इन मामलों पर सीधे स्तर पर निपटा लिया जाए तो जिला स्तर पर पहुंचने वाली शिकायतों की संख्या में कमी आएगी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने एक मोबाइल ऐप बनाने का निर्देश दिया है। इसके माध्यम से तहसील, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य करने वाले बड़े और छोटे कर्मियों के नंबर और जानकारी को जोड़ा जाएगा। इसके बाद डीएम से उनका सीधा संपर्क हो जाएगा।
जिले स्तर पर बढ़ रही फरियादियों की भीड़ और उनकी समस्या के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एक मोबाइल एप बनाने का निर्देश दिया है। इसमें जिले से लेकर गांव स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों जैसे एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो, चौकीदार आदि के मोबाइल नंबर दर्ज होंगे। ब्लाक स्तर पर ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और छोटे से छोटे कर्मचारियों के मोबाइल नंबर दर्ज होंगे। इस एप में जनपद के सभी गांवों के ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम रोजगार सेवक, चौकीदार, कोटेदार और सफाई कर्मी तक की जानकारी होगी। जिस गांव या तहसील का कोई मामला अधिकारियों के पास पहुंचेगा तो वो गांव के शिकायत से संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर उस समस्या का समाधान कराएंगे। इससे जिले स्तर पर आने वाली शिकायतों में तो कमी आएगी ही दूसरे जो शिकायतें प्राप्त होंगी उनका तत्काल निस्तारण होगा। इस मोबाइल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
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एप इस प्रकार करेगा कार्य
एप में सभी जिला, तहसील, ब्लाक और ग्राम स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के नंबर अलग-अलग फोल्डर में दर्ज होंगे। जिस गांव की शिकायत होगी पहले उसके तहसील के फोल्डर को खोलेंगे। उस फोल्डर में गांव का नाम खोजेंगे जिस पर क्लिक करते ही उस गांव के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, चौकीदार, सफाई कर्मी, कोटेदार सभी के नंबर दिखाई देंगे। इनमें से जिससे संबंधित मामला होगा जिलाधिकारी सीधे उससे फोन पर बात कर समस्या का समाधान करेंगे। जांच की रिपोर्ट भी ले सकेंगे।
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अक्सर शिकायतों के निस्तारण में ढ़िलाई बरती जाती है। जिसका परिणाम है कि एक व्यक्ति एक ही शिकायत लेकर बार-बार अधिकारियों के यहां चक्कर लगाता रहता है। इस ऐप के निर्माण से हमें शिकायत के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी से बात करने में सहूलियत होगी। कई समस्याओं का तो बैठे-बैठे ही निस्तारण करने में सुविधा हो जाएगी।
- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।