राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है।
शत-प्रतिशत नामांकन और पारदर्शी उपस्थिति प्रणाली पर जोर दिया गया है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में उपलब्ध निशुल्क शिक्षा, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेलकूद जैसी सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस मनोज कुमार ने बताया कि सभी कक्षाओं (कक्षा नौ से 12) का संचालन एक अप्रैल से अनिवार्य रूप से शुरू कर दिया गया है।
स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेशोत्सव के माध्यम से नामांकन अभियान चलाया जाएगा। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में उपलब्ध निशुल्क शिक्षा, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेलकूद जैसी सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों को सचेत करते हुए केवल परिषद की वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर उपलब्ध सूची के अनुसार ही मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अपने पाल्यों का नामांकन कराएं। अवैध या बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला लेने पर छात्र का भविष्य अधर में लटक सकता है।