आजमगढ़। डीएम रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में शून्य प्रसव कराने वाली 73 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर सेवा से मुक्त करने के निर्देश सीएमओ को दिए।
स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, जैसे जननी सुरक्षा योजना, नियमित टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत जिला महिला चिकित्सालय आजमगढ़, हरैया और तरवां में भुगतान की कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में भुगतान पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोककर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
टीकाकरण को और प्रभावी बनाने के लिए डीएम ने टीकाकरण डेटा को यू-विन पोर्टल पर एएनएम के माध्यम से अनिवार्य रूप से फीड कराने के लिए कहा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर आशा और एएनएम की बैठक आयोजित कर तकनीकी प्रशिक्षण दिलाएं। साथ ही, रिक्त उपकेंद्रों पर दो से तीन कार्यदिवसों में एएनएम की नियुक्ति के निर्देश दिए गए। डब्ल्यूएचओ को एचएमआईएस पोर्टल पर एमआर 1 और एमआर 2 टीकाकरण डेटा फीड करने काे कहा।
डीएम ने जिला क्षय रोग अधिकारी को टीबी मरीजों के भुगतान को एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया। आयुष्मान गोल्डेन कार्ड की प्रगति की समीक्षा में कहा कि अंत्योदय कार्ड धारकों और गरीब तबके के सभी लोगों के लिए शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग और अन्य संबंधित विभागों से समन्वय कर सूची प्राप्त करने और कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में स्वामी विवेकानंद सशक्तिकरण अभियान के तहत आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पांच एएनएम छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से टैबलेट वितरित किए गए। बैठक में सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, एसीएमओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।