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वैरीफिकेशन के फेर में अटक गए 5000 लाभार्थियों के आवास

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आजमगढ़। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सूडा से निर्धारित कंपनी की ओर से जनपद के विभिन्न निकायों में लगभग 5000 लाभार्थियों का चयन किया गया था। ईओ और निर्धारित कंपनी की ओर से इनका वैरीफिकेश भी कर दिया गया था। इस बीच डूडा के पीडी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी एसडीएम को चयनित लाभार्थियों का सत्यापन लेखपालों से कराने का निर्देश दिया। मामला इतना लंबा खिंच गया आवास को लेकर स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक हो गई और सत्यापन पूरा नहीं हो पाया। आनन-फानन में डीपीआर भेजने की कोशिश की गई तो कमेटी ने इसे लेने से इंकार कर दिया। इससे इन लाभार्थियों के आवास अब खटाई में पड़ गए हैं। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जनपद में पहले फेस में 3898 आवास मंजूर हुए हैं, जिन्हें बनाने की कवायद शुरू की जा चुकी है। इसके बाद लगभग 4200 आावासों को और मंजूरी मिला है। पिछले दिनों शासन से निर्धारित कंपनी ने जनपद के विभिन्न निकायों ने 5000 और लाभार्थियों का चयन किया। डूडा की ओर से इसके वैरीफिकेशन के बाद डीपीआर पीडी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद के सामने पेश किया। इस पर उन्होंने लाभार्थियों का फिर से लेखपालों से सत्यापन कराने के निर्देश सभी संबंधित एसडीएम को दे दिए। इसमें इतना समय खिंच गया कि आवासों को मंजूरी देने के लिए शासन में स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी बैठक आयोजित कर दी गई। पता चलने पर आनन-फानन में डीपीआर कमेटी को भेजी गई, लेकिन कमेटी ने इसे लेने से इंकार कर दिया। इससे इन 5000 लाभार्थियों को आवास मिलने की प्रक्रिया खटाई में चली गई है। अब इन्हें लंबा इतजार करना पड़ सकता है। इस संबंध में पीडी डूडा एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद ने बताया कि अभी लाभार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। बिना सत्यापन के डीपीआर नहीं भेजी जा सकती है। आगे इन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
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