आजमगढ़। हाल ही में जिले के नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण का जनपद आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में जब उन्होंने विभागों से उनकी जमीन पर कब्जे की जानकारी मांगी तो वन विभाग ने बताया कि उनकी जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। लालगंज तहसील में एक जगह कब्जा था तो उसके बदले हमे जमीन पट्टे में मिल गई। इस पर प्रमुख सचिव ने जांच का निर्देश दिया था। जांच में विभाग का झूठ पकड़ में आया। प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण इस बार जनपद आगमन पर सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे को लेकर काफी गंभीर थे। उन्होंने हर विभाग से उनकी जमीन पर कब्जे के बाबज जानकारी बारी-बारी से ली। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि उनकी जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। लालगंज तहसील के सारंगपुर और रूद्रपुर में उनकी जमीन पर कब्जा था लेकिन उसके बदले उन्हें पट्टे की जमीन मिल गई। इस प्रमुख सचिव भड़क गए और उन्होंने कहा कि किस एसडीएम ने तुम्हें जमीन पट्टा की। इस पर वह कोई जवाब नहीं दे सके। इस पर प्रमुख सचिव ने मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार को वर्मा को इसकी जांच कराने का निर्देश दिया था। सीआरओ ने एसडीएम लालगंज को इसकी जांच करने का निर्देश दिया। जांच में पाया गया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी जमीन को बदला नहीं गया है और ना ही वन विभाग को जमीन का पट्टा की गई है। जबकि वन विभाग की लगभग एक हेक्टेअर भूमि पर कब्जा है।