आजमगढ़। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर इंटर तक के सभी बोर्ड के स्कूल को 14 जुलाई को बंद करने के मामले में घिरे बीएसए अमर उजाला के मुद्दा उठाने के बाद बैकफुट पर आ गए हैं। बुधवार देर रात उन्होंने अपने आदेश को वापस लेते हुए 14 जुलाई को सभी बोर्ड के इंटर तक के स्कूलों को पूर्व की भांति खुले रखने की बात कही। इससे पहले बीएसए ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर इंटर तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को बंद रखने की घोषणा कर दी थी। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना था कि जिले में संचालित विद्यालयों की प्रबंध समिति ने उन्हें एक पैड पर लिखकर उन्हें दिया था कि छात्र और वह लोग प्रधानमंत्री को सुनना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विद्यालय को विशेष अवकाश के तहत बंद करने की मांग की थी। उनकेे इस पत्र के आधार पर विद्यालयों को 14 जुलाई को बंद करने का आदेश जारी किया गया था। जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन सिर्फ परिषदीय विद्यालय हैं तो उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इंटर कालेजों को क्यों बंद करने का आदेश जारी कर दिया। जैसे ही इसकी विज्ञप्ति जारी हो गई और अमर उजाला ने इसके बारे में पूछताछ शुरू की तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने आनन-फानन में बुधवार की देर रात विद्यालयों को खुला रखने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन वह शिक्षकों को प्रधानमंत्री की ड्यूटी से मुक्त नहीं कर सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि पहले यह निर्णय प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के पत्र के आधार पर लिया गया था लेकिन बाद में विचार-विमर्श के बाद इसे निरस्त कर दिया गया है। अब सभी विद्यालय 14 जुलाई को पूर्व की भांति खुलेंगे।