आजमगढ़। एनआरएलएम द्वारा गठित स्वयं सहायता समूहों के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री का संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीधे संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। इस संवाद कार्यक्रम के लिए डीसी एनआर एलएम की ओर से जिले के एनआईसी सेंटर और 189 ग्राम पंचायतों में इसके प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले बिहार के स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की। छत्तीसगढ़ में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। इन ईंटों की आपूर्ति शौचालय और प्रधानमंत्री आवास बनाने में की गई। वहीं महाराष्ट्र में एक स्वयं सहायता समूह द्वारा बकरी के दूध से साबुन का निर्माण किया जाता है जिससे त्वचा में निखार आता है। बकरी के दूध से पनीर का निर्माण भी किया जाता है। एक बकरी से शुरू हुआ कार्य आज 40 बकरियों तक पहुंच गया है। इस क्लस्टर में अब कुल 12000 बकरियां हो गई हैं। क्लस्टर का निर्माण 10 से 15 गांवों को मिलाकर किया जाता है। इन कार्यों के लिए प्रधानमंत्री ने महिलाओं को शाबासी दी। उन्होंने सभी को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अन्य स्वयं सहायता समूहों को भी इस तरह से कार्य करने को कहा ताकि आगे चलकर वह लोग स्वावलंबी बन सकें।