आजमगढ़। नगर की जीवनदायिनी तमसा को बचाने की अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। जिलाधिकारी ने स्वयं इसका संज्ञान लिया। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सभी अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई है। इसमें तमसा की साफ-सफाई और किनारे-किनारे पौधरोपण की रणनीति बनाई जाएगी। नदी की जमीन का सीमांकन कर पिलर लगाए जाएंगे और बांस के पौधे लगाए जाएंगे।
नगर की जीवनरेखा कही जाने वाली तमसा को लेकर वैसे तो कई अभियान चले लेकिन शासन प्रशासन से सहयोग न मिलने के कारण ठंडे पड़ गए। अमर उजाला ने इस अभियान को आगे बढ़ाया। इसका परिणाम रहा कि जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने स्वयं तमसा को बचाने की मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें तमसा की साफ-सफाई और इसके किनारों पर पौध रोपण करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस कार्य के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं और आम जनमानस का सहयोग लिया जाएगा। जिलाधिकारी का कहना है कि वह इस अभियान में स्वयं उतर कर लोगों को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। क्योंकि जल ही जीवन है। बिना जल के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। तमसा तो शहर क्षेत्र की जीवनदायिनी है अगर यह विलुप्त हो गई तो नगर के लोग पानी की एक-एक बूंद को तरसेंगेे। सरकार की भी मंशा है कि विलुप्त हो रही नदियों और तालाबों की खुदाई कराकर उन्हें संरक्षित किया जाए।
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नदी की साफ-सफाई और इसके किनारे पौधरोपण की रणनीति मंगलवार को बनाई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई है। कार्य एक जून से शुरू होने की संभावना है। अगर किसी कारण से नहीं हो सका तो पांच जून से जरूर इसे शुरू कर दिया जाएगा। हमें इस कार्य में जनपद के लोगों और स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग की जरूरत है। क्योंकि इस कार्य को जनसहयोग से कराया जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी