आजमगढ़। सावित्री बाई फूले की 187वीं जयंती अहरौला के बस्ती भुजवल (बसही बाजार) में मनाई गई। पूर्व सांसद बलिहारी बाबू ने कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री बनने से ज्यादा जरूरी है बहुजन समाज में जन्मे महापुरुषों के मिशन और संघर्षों को आगे बढ़ाया जाए। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बलिहारी बाबू ने आगे कहा कि सामाजिक और आर्थिक विषमता को बदलने के लिए राजनीति की नहीं, बल्कि नीति का आवश्यकता है। नीति तभी लागू होगी जब जरूरमतंद बहुजन समाज में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास पैदा होगा। देश के विकास के लिए ज्योतिबा राव फूले, सावित्रीबाई फूले, छत्रपति साहूजी महाराज, संत गाडसे, डा. भीमराव अम्बेडकर, डा. लोहिया जैसे महापुरूषों के विचार समाज में प्रसारित किए जाने की आवश्यकता है। अध्यक्षता हनुमान शर्मा और संचालन सुनील सैनी ने किया। राधश्याम सैनी, पंचम बाबू, इंजी सहदेव, बबिता गौतम, राजेंद्र, ज्ञानचन्द्र, मूलचंद चौहान, मुन्नू मौर्य, भजुराम यादव, गोपाल निषाद, सुनील गोंड, रामसुधार मौर्य, सिकंदर प्रसाद कुशवाहा मौजूद रहे।