आजमगढ़। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में कंपोजिंग स्कीम में टर्न ओवर की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी है। डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को मासिक रिटर्न से छूट देते हुए तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की छूट दी है। व्यापारी इसे अपने लिए आसानी तो मान रहे हैं लेकिन इसके फायदे नुकसान के बारे में उनका कहना है कि रूटीन में आने पर ही पता चलेगा।
व्यापारी संजय सिंह ने कहा कि हर महीने रिटर्न दाखिल करते हमें काफी परेशानी होती है। तीन महीने में रिटर्न दाखिल करना होगा तो आसानी होगी। लेकिन फायदा तब पता चलेगा जब यह रूटीन में आ जाएगा।
आटो एजेंसी मालिक एसके सत्येन ने कहा कि जीएसटी से मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा पीड़ित हैं। तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की छूूट से थोड़ी बहुत सहूलियत होगी। सरकार को मध्यमवर्ग और छोटे लोगों को राहत देने के बारे में भी सोचना चाहिए। तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने से इसके लाभ का पता नहीं चलेगा। अगर यही समय ज्यादा होता तो लाभ का पता चलता।
दवा कारोबारी रंजन राय ने कहा कि दवा के कारोबार में अभी कोई फायदा नहीं है लेकिन आने वाले समय में लाभ होगा। अभी तक जीएसटी के बारे में कोई विस्तार से समझ भी नहीं पाया है। तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने से सहूलियत तो हो जाएगी लेकिन अभी इसके लाभ का पता नहीं चल पाएगा। क्योंकि व्यापारी जब इसे समझ जाएंगे तब इसका फायदा पता चलेगा।
डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर गुलाम रब्बानी ने कहा कि रिवर्स चार्ज प्रणाली बहुत फायदेमंद साबित होगी। क्योंकि इसका फायदा अपंजीकृत और पंजीकृत दोनों प्रकार के व्यवसाइयों को मिलेगा।